फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   condition of drug reaction, just Dial this number

दवा रिएक्शन करे तो इस नंबर पर करें डायल

Sat, 21 Dec 2013 11:29 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 21 Dec 2013 11:29 PM IST
विज्ञापन
condition of drug reaction, just Dial this number

डॉक्टर की सलाह पर यदि आप कोई दवा लेते हैं और उससे कोई भी रिएक्शन होता है तो इसकी सूचना टोल फ्री नंबर पर दे सकते हैं।

विज्ञापन


इंडियन फार्माकोपिया कमीशन ने हाल ही में एक टोल फ्री नंबर 18001803024 जारी किया है। सूचना के मिलते ही फार्मा कोविजिलेंस के रीजनल सेंटर से एक टीम पहुंचेगी और जांच करेगी।

टीम जांचेगी कि रिएक्शन दवा से हुआ या फिर बीमारी का कोई साइडइफेक्ट है। जांच के बाद रीजनल सेंटर अपनी रिपोर्ट ड्रग्स विभाग को सौंप देगा।

यदि इस दवा के रिएक्शन की रिपोर्ट देश के हर कोने से आती है तो स्वास्थ्य मंत्रालय दवा पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकता है।

दवाओं पर प्रतिबंध की कार्रवाई फार्माकोविजिलेंस की जांच रिपोर्ट और शोध के आधार पर लगाए जाते हैं। पीजीआई में फार्मा कोविजिलेंस की आयोजित सीएमई में आए विशेषज्ञों ने अमर उजाला से बातचीत में यह जानकारी दी।
विज्ञापन


 उन्होंने बताया कि फार्मा कोविजिलेंस के गठन का मकसद दवाओं से होने वाले रिएक्शन की निगरानी करता है।

दिल्ली लेडी होर्डिंग मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. हरमीत सिंह, मुंबई से आए विशेषज्ञ डॉ. सुमित गायकवाड़, शिकागो से आए डॉ. अनिल गुलाटी ने बताया कि दवाओं के साइड इफेक्ट होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जब कोई साल्ट बाजार में उतारा जाता है तो मात्र चार से पांच हजार लोगों पर ही परिक्षण होते हैं। बाजार में आने के बाद दो से तीन लाख लोग इसका सेवन करते हैं। पता नहीं किस व्यक्ति पर दवा रिएक्शन कर जाए।

अभी 90 कॉलेजों में फार्मा कोविजिलेंस
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फार्मा कोविजिलेंस का गठन फिलहाल 90 सरकारी कॉलेजों में किया था। यह देश के अलग-अलग हिस्से में स्थित है।

सीएमई में आए विशेषज्ञों ने बताया कि 2015 तक देश के सभी मेडिकल कॉलेज में इसका गठन करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके लिए तैयारियां काफी तेजी से चल रही है। जब सभी कॉलेजों में फार्मा कोविजिलेंस की टीम हो जाएगी तो दवाओं के साइड इफेक्ट के बारे में सरकार को ज्यादा पता चलेगा।

सीएमई में 170 विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया
पीजीआई के फार्मा कोविजिलेंस सेंटर के रीजनल ट्रेनिंग एंड रिसोर्स सेंटर ने शनिवार को एक दिवसीय सीएमई का आयोजन किया।

संस्थान के डायरेक्टर योगेश चावला ने सीएमई का उद्घाटन किया। आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. बिकास मेधी ने अपने स्वागतीय भाषण के माध्यम से अपने अपने अनुभव को साझा किया।


कार्यक्रम में लुधियाना सीएमसी से प्रोफेसर दिनेश बदयाल, प्रोफेसर एचएस रेहान, डॉ. विवेक आहुजा, डॉ. विशाल टंडन, प्रोफेसर नीलम मरवाहा सहित कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और अपने अनुभव शेयर किए।

विशेषज्ञों ने फार्मा कोविजिलेंस के भविष्य के बारे में भी अपने विचार रखे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed