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Chandigarh News: पीजीआई के न्यू ओपीडी में कंप्यूटर सिस्टम ठप मैनुअल बने कार्ड
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चंडीगढ़। पीजीआई की न्यू ओपीडी में शनिवार को कंप्यूटर सिस्टम पूरी तरह से ठप रहा। ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे नए मरीजों का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो सका। इस तकनीकी गड़बड़ी की सूचना मिलने पर पीजीआई प्रशासन ने तत्काल आईटी की टीम को सुधार करने में लगाया लेकिन सुबह 11 बजे तक गड़बड़ी ठीक नहीं हो सकी। इसके चलते नए मरीजों का मैन्युअल कार्ड बनाया गया। इससे पंजीकरण से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक व्यवस्था काफी प्रभावित रही।
पीजीआई प्रशासन का कहना है कि कंप्यूटर सिस्टम में आई खराबी के चलते थोड़ी परेशानी हुई थी। इसे मैन्युअल संभाल लिया गया। जहां तक मरीजों के लिए परेशानी की बात है तो नए मरीजों को फॉलोअप में आने पर ऑनलाइन पंजीकरण करना पड़ेगा ताकि उनका सीआर नंबर जनरेट हो सके क्योंकि मैन्युअल पंजीकरण में सीआर नंबर नहीं दिया गया है।
बता दें कि पीजीआई में प्रतिदिन 9 से दस हजार मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। इसमें नए मरीजों की संख्या चार से पांच हजार होती है। उन मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान सीआर नंबर अलॉट किया जाता है। इसके आधार पर उनके रिकॉर्ड पीजीआई के पास सुरक्षित हो जाते हैं लेकिन ऑनलाइन पंजीकरण न होने से इन मरीजों को अगली बार फॉलोअप में दिखाने आने पर अपना सीआर नंबर जनरेट कराने के लिए दोबारा जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
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पीजीआई प्रशासन का कहना है कि कंप्यूटर सिस्टम में आई खराबी के चलते थोड़ी परेशानी हुई थी। इसे मैन्युअल संभाल लिया गया। जहां तक मरीजों के लिए परेशानी की बात है तो नए मरीजों को फॉलोअप में आने पर ऑनलाइन पंजीकरण करना पड़ेगा ताकि उनका सीआर नंबर जनरेट हो सके क्योंकि मैन्युअल पंजीकरण में सीआर नंबर नहीं दिया गया है।
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बता दें कि पीजीआई में प्रतिदिन 9 से दस हजार मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। इसमें नए मरीजों की संख्या चार से पांच हजार होती है। उन मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान सीआर नंबर अलॉट किया जाता है। इसके आधार पर उनके रिकॉर्ड पीजीआई के पास सुरक्षित हो जाते हैं लेकिन ऑनलाइन पंजीकरण न होने से इन मरीजों को अगली बार फॉलोअप में दिखाने आने पर अपना सीआर नंबर जनरेट कराने के लिए दोबारा जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
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