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CAG Report: हरियाणा के 1421 मरीजों ने एक ही तारीख में कई अस्पतालों में कराया इलाज, कैग रिपोर्ट में खुलासा

Fri, 11 Aug 2023 03:34 PM IST
निवेदिता वर्मा आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 11 Aug 2023 03:34 PM IST
सार

हरियाणा में 114 पेंशनभोगियों को भी आयुष्मान भारत स्कीम में शामिल किया गया है। जबकि नियम के मुताबिक लाभार्थी व्यक्ति सिर्फ एक ही इंश्योरेंस स्कीम का लाभ उठा सकता है। यही नहीं, इनमें से कुछ ने आयुष्यमान भारत के तहत इलाज कराया और अस्पतालों को करीब 26 लाख रुपये जारी कर दिए गए।

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Comptroller and Auditor General of India exposed several flaws in Ayushman Bharat Scheme in Haryana
आयुष्मान भारत - फोटो : Twitter/@AyushmanNHA

विस्तार

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने आयुष्यमान भारत स्कीम की कई खामियों का उजागर किया है। कैग ने सितंबर 2018 से 2021 तक आयुष्यमान भारत की एक समीक्षक रिपोर्ट संसद में पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के 1421 मरीज ऐसे पाए गए हैं, जिन्हें एक ही तारीख में अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती दिखाया गया है। इस मिलीभगत में राज्य के 134 अस्पताल शामिल थे।
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कैग ने जब सवाल उठाया तो नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) की ओर से बताया गया कि ऐसे मामलों में महिलाओं की डिलीवरी होने पर शिशुओं को दूसरे अस्पताल में मां की आयुष्यमान आईडी पर दाखिल कराया गया, लेकिन कैग ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने जो डाटा विश्लेषण किया है, उनमें पुरुष और गर्भवती महिलाओं के अलावा दूसरी महिलाएं शामिल हैं। इस तरह के कुल 2662 केस हैं, जिनमें 620 महिलाएं और 801 पुरुष शामिल हैं। कैग के मुताबिक सबसे ज्यादा मामले गुजरात, छत्तीसगढ़, केरल, मध्यप्रदेश और पंजाब में आए हैं।
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आधे अधूरे 114 कार्ड पर भुगतान
वहीं, आयुष्यमान के 114 उन कार्ड पर भुगतान किया गया, जो आधे अधूरे थे। उनमें कई त्रुटियां थीं। इन कार्ड पर करीब साढ़े आठ लाख रुपये की राशि जारी की गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि हरियाणा में 114 पेंशनभोगियों को भी आयुष्मान भारत स्कीम में शामिल किया गया है। जबकि नियम के मुताबिक लाभार्थी व्यक्ति सिर्फ एक ही इंश्योरेंस स्कीम का लाभ उठा सकता है। यही नहीं, इनमें से कुछ ने आयुष्यमान भारत के तहत इलाज कराया और अस्पतालों को करीब 26 लाख रुपये जारी कर दिए गए। कैग ने सूचना, शिक्षा और संचार योजना के कार्यान्वयन में भी कमियां पाई हैं। आयुष्यमान भारत के तहत लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक इलाज का भुगतान किया जाता है।


मृतकों को जिंदा दिखाकर करवाया भुगतान
कैग ने अपने ऑडिट में यह भी पाया है कि कुछ मरीजों की मौत हो गई थी, लेकिन उन्हें जिंदा दिखाकर उनके इलाज के लिए भुगतान हासिल किया गया। इस तरह के कुल 406 केस थे। इनमें से 354 मरीजों को जीवित दिखाकर इलाज के नाम पर 54 लाख रुपये का भुगतान हासिल किया गया।

विशेषज्ञ नहीं थे, इसलिए दूसरे जिले में कराया इलाज
कैग ने अपनी रिपोर्ट में राज्य में मैन पॉवर की कमी पर भी सवाल उठाए हैं। हरियाणा के विभिन्न जिलों में 14 तरह के अलग-अलग विशेषज्ञ नहीं थे। इससे आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को दूसरे जिले में इलाज के लिए यात्रा करनी पड़ी है। वहीं, स्वीकृत पदों के मुताबिक 36 फीसदी डॉक्टर व कर्मचारी कम थे। इसके अलावा 3666500 रुपये की पेनाल्टी में से 1685250 रुपये की वसूली नहीं की गई।
 
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