{"_id":"65075fb360ca1ac39000f634","slug":"company-did-not-provide-internet-facility-as-per-plan-order-to-pay-compensation-of-rs-15000-chandigarh-news-c-16-1-pkl1017-241334-2023-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: प्लान के मुताबिक कंपनी ने नहीं दी इंटरनेट सुविधा, 15000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: प्लान के मुताबिक कंपनी ने नहीं दी इंटरनेट सुविधा, 15000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश
विज्ञापन
चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता फोरम ने चंडीगढ़ के एक एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज की शिकायत पर इंटरनेट प्रदाता कंपनी को सेवा में खामी का दोषी करार दिया है। फोरम ने कंपनी को मुआवजे के तौर पर शिकायतकर्ता को 15000 देने का आदेश दिया है।
शिकायत में अतिरिक्त जिला जज जयबीर सिंह ने कहा कि इंटरनेट प्रदाता कंपनी नेटप्लस ने उन्हें 999 रुपए के प्लान में बहुत सी प्रलोभक सेवाएं देने का वादा किया था। इस प्रलोभन में आकर उन्होंने इस प्लान को ले लिया, लेकिन सुविधा नहीं मिली। सुविधा न मिलने पर उन्होंने कंपनी को शिकायत दी तो कंपनी ने उन्हें 1500 का प्लान लेने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने यह प्लान ले लिया बावजूद इसके उन्हें मुफ्त में बताइए सुविधाओं के लिए 1500 रुपये अतिरिक्त देने को कहा गया। इसको सेवाओं में दोष बताते हुए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की गई।
सेवा प्रदाता कंपनी ने फोरम के समक्ष दलील दी कि कनेक्शन देते हुए शिकायतकर्ता को पूरी जानकारी दी गई थी। यदि शिकायतकर्ता को कोई गलत वायदा किया गया तो यह स्थानीय सेवा प्रदाता की चूक है। फोरम ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि स्थानीय सेवा प्रदाता की चूक का हवाला देते हुए कंपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। शिकायतकर्ता ने सेवा की खामी के बारे में कंपनी को बार बार सूचित किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कंपनी की ओर से कार्रवाई न करना शिकायतकर्ता पर मानसिक उत्पीड़न का मामला बनता है। एसएमएस फोरम ने कंपनी को दोषी मानते हुए मानसिक उत्पीड़न के लिए शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर 15000 रुपये देने का आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिकायत में अतिरिक्त जिला जज जयबीर सिंह ने कहा कि इंटरनेट प्रदाता कंपनी नेटप्लस ने उन्हें 999 रुपए के प्लान में बहुत सी प्रलोभक सेवाएं देने का वादा किया था। इस प्रलोभन में आकर उन्होंने इस प्लान को ले लिया, लेकिन सुविधा नहीं मिली। सुविधा न मिलने पर उन्होंने कंपनी को शिकायत दी तो कंपनी ने उन्हें 1500 का प्लान लेने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने यह प्लान ले लिया बावजूद इसके उन्हें मुफ्त में बताइए सुविधाओं के लिए 1500 रुपये अतिरिक्त देने को कहा गया। इसको सेवाओं में दोष बताते हुए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की गई।
विज्ञापन
सेवा प्रदाता कंपनी ने फोरम के समक्ष दलील दी कि कनेक्शन देते हुए शिकायतकर्ता को पूरी जानकारी दी गई थी। यदि शिकायतकर्ता को कोई गलत वायदा किया गया तो यह स्थानीय सेवा प्रदाता की चूक है। फोरम ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि स्थानीय सेवा प्रदाता की चूक का हवाला देते हुए कंपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। शिकायतकर्ता ने सेवा की खामी के बारे में कंपनी को बार बार सूचित किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कंपनी की ओर से कार्रवाई न करना शिकायतकर्ता पर मानसिक उत्पीड़न का मामला बनता है। एसएमएस फोरम ने कंपनी को दोषी मानते हुए मानसिक उत्पीड़न के लिए शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर 15000 रुपये देने का आदेश दिया।
विज्ञापन