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'टॉवर के लिए नई साईट्स तलाशें कंपनियां'
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Thu, 30 Jan 2014 08:57 AM IST
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मोबाइल टावर लगाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को नए सिरे से साइट्स का चयन करना होगा। कुछ दिनों पहले पार्क और अन्य साइट्स पर 33 मोबाइल टावर लगाने पर उठे विवाद के बाद कंपनी प्रतिनिधियों ने अपील पर जवाब दिया।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण(हुडा) के समक्ष कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद उन्हें नए सिरे से साइट लोकेशन चिह्नित कर दोबारा इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।
जो साइट नगर निगम के पार्कों में हैं, उनके लिए नगर निगम की मंजूरी मिलने के बाद ही हुडा की ओर से इन साइट्स पर टावर लगाने की अनुमति दी जाएगी।
शहर में डेढ़ सौ से अधिक मोबाइल टावर हैं, जिनमें कई कंपनियां शामिल हैं। पिछले साल सरकार ने टावरों के लिए नए बायलॉज बनाए थे, लेकिन टावर अलॉट करने में कुछ जगहों पर नियमों की अनदेखी हुई थी।
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नगर निगम के पार्कों में फोर-जी सर्विस के लिए टावर लगाने के लिए हुडा से मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन बाद में नियमों की अनदेखी की बात सामने आईं।
हुडा ने 33 टावरों के लिए लाइसेंस फीस के तौर पर 24.75 लाख रुपये लिए थे, जबकि टावर लगाने के बाद भी सालाना फीस का प्रावधान है।
टावरों से हर साल करोड़ों की कमाई होती है, लेकिन नियमों की अनदेखी के मामले को गंभीरता से लेते हुए हुडा ने नए सिरे से साइट्स तलाशने के निर्देश दिए हैं।
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण(हुडा) के समक्ष कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद उन्हें नए सिरे से साइट लोकेशन चिह्नित कर दोबारा इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।
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जो साइट नगर निगम के पार्कों में हैं, उनके लिए नगर निगम की मंजूरी मिलने के बाद ही हुडा की ओर से इन साइट्स पर टावर लगाने की अनुमति दी जाएगी।
शहर में डेढ़ सौ से अधिक मोबाइल टावर हैं, जिनमें कई कंपनियां शामिल हैं। पिछले साल सरकार ने टावरों के लिए नए बायलॉज बनाए थे, लेकिन टावर अलॉट करने में कुछ जगहों पर नियमों की अनदेखी हुई थी।
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नगर निगम के पार्कों में फोर-जी सर्विस के लिए टावर लगाने के लिए हुडा से मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन बाद में नियमों की अनदेखी की बात सामने आईं।
हुडा ने 33 टावरों के लिए लाइसेंस फीस के तौर पर 24.75 लाख रुपये लिए थे, जबकि टावर लगाने के बाद भी सालाना फीस का प्रावधान है।
टावरों से हर साल करोड़ों की कमाई होती है, लेकिन नियमों की अनदेखी के मामले को गंभीरता से लेते हुए हुडा ने नए सिरे से साइट्स तलाशने के निर्देश दिए हैं।