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हरियाणा: अब प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कॉमन काडर लागू, पहली बार बिना कॉलेज के नाम दिए सीधे निकाली भर्ती
Thu, 29 Jul 2021 12:40 PM IST
निवेदिता वर्मा
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 29 Jul 2021 12:40 PM IST
सार
नए नियमों के तहत नए भर्ती होने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रदेश के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में भेजा जा सकेगा। हरियाणा में पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं।
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हरियाणा में मेडिकल कॉलेजों के लिए नई भर्तियों में कामन कैडर लागू।
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीधे तौर पर कॉमन कॉडर नियम लागू नहीं कर पाने के बाद अब हरियाणा सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के लिए नई भर्तियों में इस नियम को लागू कर दिया है। डायरेक्टोरेट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (डीएमईआर) हरियाणा की ओर से बाकायदा पहली बार किसी मेडिकल कॉलेज का नाम न देकर सीधे विभाग के नाम से 72 असिस्टेंट प्रोफेसर (टीचर्स) की भर्ती निकाली है।
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इससे पहले डीएमईआर संबंधित मेडिकल कॉलेज में खाली पदों का जिक्र कर आवेदन मांगता था। नए नियमों के तहत नए भर्ती होने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रदेश के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में भेजा जा सकेगा। हरियाणा में पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। रोहतक, करनाल मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर्स आना चाहते हैं, लेकिन मेवात, खानपुर समेत फरीदाबाद को डॉक्टर्स नहीं मिल रहे हैं।
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13 सुपर स्पेशलिटी और 59 स्पेशलिटी के लिए आवेदन
कुल 72 पदों में से 37 सामान्य वर्ग के लिए, 28 अनुसूचित जाति के लिए, 2 बीसी ए के लिए, 1 इकोनॉमी बैकवर्ड के लिए और एक ईएएस और 1 दिव्यांग के लिए है। इनमें 13 सुपर स्पेशलिटी के लिए हैं और 59 पद स्पेशलिटी के लिए हैं।
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स्पेशलिटी के लिए
जनरल मेडिसिन के 9, जनरल सर्जरी 8, एनेस्थिसिया 6, माइक्रोबायोलाजी 5, कम्यूनिटी मेडिसन 4, गायनी, रेडियोलाजी, रेडियो डायग्नोसिस, बाल रोग के 3-3, एनाटमी, ओर्थोपेडिक्स, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलाजी, फोरेंसिक मेडिसन, रेस्पिरेटरी मेडिसन 2-2 और मनोवैज्ञानिक, पल्मोनरी और आंख विभाग के 1-1 पद के लिए आवेदन मांगा है।
सुपर स्पेशलिटी के लिए
नेफ्रेलाजी और कार्डियोलाजी के लिए दो दो, पीडियाट्रिक्स सर्जरी, प्लास्टिक सर्जन, कार्डियक सर्जरी, न्यूरो सर्जन, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ओंकोलॉजी सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी के 1-1 पद के लिए आवेदन मांगा है।
विरोध के चलते पीछे हटी थी सरकार
अप्रैल में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के लिए एक नई नीति बनाने को लेकर मीटिंग की। इसमें प्रदेश के 5 प्रमुख मेडिकल संस्थानों रोहतक पीजीआई, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, खानपुर मेडिकल कॉलेज खानपुर, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और मेवात मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। बैठक में सभी ने कॉमन कॉडर नियम लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। हालांकि, बाद में सभी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों समेत तमाम कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। सीएम मनोहर लाल ने भी इस मामले में अधिकारियों से बैठक की, लेकिन विरोध को देखते हुए इसे लंबित छोड़ दिया गया था।