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Chandigarh: शुभकरण की मौत की जांच करने वाली कमेटी आज चंडीगढ़ में किसानों के बयान करेगी दर्ज
Mon, 06 May 2024 08:30 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 06 May 2024 08:30 AM IST
सार
यह मुकदमा 27 फरवरी 2024 को बाजवा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एपीएस देयोल द्वारा दायर किया गया था और पहली सुनवाई 29 फरवरी को हुई थी। समिति ने 18 अप्रैल को झड़प स्थल का दौरा किया और बाद में गवाहों से सबूत पेश करने और बयान दर्ज करने को कहा था।
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किसान आंदोलन के दौरान हुई थी शुभकरण की मौत
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पूर्व जज जयश्री ठाकुर की अध्यक्षता में शुभकरण की मौत की जांच करने वाली कमेटी सोमवार को किसान भवन में किसानों के बयान दर्ज करेगी। हरियाणा-पंजाब सीमा पर 21 फरवरी को हुई हिंसा के बाद शुभकरण सिंह की मौत की जांच की मांग को लेकर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा दायर जनहित याचिका के बाद 7 मार्च को समिति का गठन किया गया था। पंजाब कांगेस की तरफ से इस संबंध में जानकारी दी गई है।
बताया गया कि यह मुकदमा 27 फरवरी 2024 को बाजवा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एपीएस देयोल द्वारा दायर किया गया था और पहली सुनवाई 29 फरवरी को हुई थी। समिति ने 18 अप्रैल को झड़प स्थल का दौरा किया और बाद में गवाहों से सबूत पेश करने और बयान दर्ज करने को कहा था। बाजवा ने अपने वकील हिम्मत सिंह देयोल के माध्यम से समिति से हरियाणा के बाहर किसानों के बयान दर्ज करने का अनुरोध किया था, ताकि घायल किसानों और अन्य प्रत्यक्षदर्शी बिना किसी दबाव के सही तथ्य रख सकें, जिसके कारण शुभकरन सिंह की मृत्यु हुई। समिति ने अनुरोध स्वीकार कर लिया।
6 मई को 2.30 बजे किसान भवन चंडीगढ़ में गवाहों की सुनवाई निर्धारित की। बाजवा ने कहा कि समिति ने 30 घायल किसानों को अपने बयान दर्ज करने के लिए कहा है और वे आंसू गैस के गोले, गोलियां और विभिन्न बोर के खाली कारतूस जैसे सबूत पेश कर सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार पर हमला करते हुए बाजवा ने कहा कि पंजाब सरकार हरियाणा और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के साथ मिली हुई है, क्योंकि उनके' याचिका दायर करने से एक दिन पहले 'जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही पंजाब सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।
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बताया गया कि यह मुकदमा 27 फरवरी 2024 को बाजवा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एपीएस देयोल द्वारा दायर किया गया था और पहली सुनवाई 29 फरवरी को हुई थी। समिति ने 18 अप्रैल को झड़प स्थल का दौरा किया और बाद में गवाहों से सबूत पेश करने और बयान दर्ज करने को कहा था। बाजवा ने अपने वकील हिम्मत सिंह देयोल के माध्यम से समिति से हरियाणा के बाहर किसानों के बयान दर्ज करने का अनुरोध किया था, ताकि घायल किसानों और अन्य प्रत्यक्षदर्शी बिना किसी दबाव के सही तथ्य रख सकें, जिसके कारण शुभकरन सिंह की मृत्यु हुई। समिति ने अनुरोध स्वीकार कर लिया।
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6 मई को 2.30 बजे किसान भवन चंडीगढ़ में गवाहों की सुनवाई निर्धारित की। बाजवा ने कहा कि समिति ने 30 घायल किसानों को अपने बयान दर्ज करने के लिए कहा है और वे आंसू गैस के गोले, गोलियां और विभिन्न बोर के खाली कारतूस जैसे सबूत पेश कर सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार पर हमला करते हुए बाजवा ने कहा कि पंजाब सरकार हरियाणा और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के साथ मिली हुई है, क्योंकि उनके' याचिका दायर करने से एक दिन पहले 'जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही पंजाब सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।
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