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प्रदूषण पर मंथन: कैसे हो दिल्ली की अबोहवा स्वच्छ, पंजाब-हरियाणा और उत्तर प्रदेश 26 अप्रैल को करेंगे बैठक
Mon, 25 Apr 2022 12:27 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 25 Apr 2022 12:27 AM IST
सार
इस बैठक के बाद प्रदूषण के लिए जिम्मेदार परिवहन, उद्योग और निर्माण कार्यों से संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी।
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दिल्ली में वायुप्रदूषण
- फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
देश की राजधानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए दिल्ली के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब मंथन करेंगे। केंद्र की ओर से गठित कमीशन फॉर एयर क्वालिटी द्वारा इस मुद्दे को लेकर 26 अप्रैल को बुलाई बैठक में तीनों राज्य हिस्सा लेंगे। बैठक में राज्यों के कृषि सचिव और विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।
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वैसे तो अमूमन दिल्ली अक्तूबर के महीने में सबसे ज्यादा प्रदूषित रहती है। इसका सबसे बड़ा कारण उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब को अभी तक माना जाता रहा है। यहां धान की फसल कटने के बाद जलने वाली पराली और दिल्ली में वाहनों के धुएं से होने वाला प्रदूषण प्रमुख है। प्रदूषण के इस संभावित खतरे से बचने के लिए केंद्र सरकार ने प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कारकों के समाधान के कमीशन फॉर एयर क्वालिटी का गठन किया था।
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अब कमीशन ने गत वर्ष जैसे हालात न बनें इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। कमीशन की ओर से पराली प्रबंधन के उपायों को लेकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग के प्रमुख सचिवों और विज्ञान व तकनीकी विभाग के प्रमुख सचिवों की बैठक बुलाई है।
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प्रदूषण को लेकर यह बैठक 26 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित की जाएगी। विभाग के कुछ अधिकारियों के अनुसार इस बैठक में पराली जलाने के मामलों की संख्या को कम करना और उसके निस्तारण पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक के बाद प्रदूषण के लिए जिम्मेदार परिवहन, उद्योग और निर्माण कार्यों से संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी।