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और मिट गया इस कालोनी का नामोनिशां
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Nov 2013 10:07 AM IST
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यूटी प्रशासन आखिरकार शहर के सबसे बड़े स्लम को पूरी तरह से खाली कराने में सफल हो ही गया। तीन दिन तक चले अभियान के बाद कालोनी नंबर पांच को पूरी तरह से खाली करा लिया गया और सभी अवैध झुग्गियों को गिरा दिया गया।
तीसरे दिन प्रशासन ने सेक्टर-50 ए की तरफ बनी झुग्गियों को हटाया। सुबह लगभग 8.30 बजे शुरू हुआ अभियान शाम चार बजे के आसपास खत्म हुआ। तीसरे दिन पांच हजार से ज्यादा झुग्गियों को तोड़ा गया।
प्रशासन की ओर से झुग्गियों को खाली कराने के साथ साथ फेंसिंग भी की जा रही है ताकि यहां दोबारा से अतिक्रमण न हो सके। तीन दिन के इस अभियान में प्रशासन ने कालोनी नंबर पांच से लगभग दस हजार झुग्गियों को तोड़ दिया है और इससे 100 एकड़ से ज्यादा जमीन खाली हो गई है।
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तीसरे दिन भी उपायुक्त मोहम्मद शाइन, एसडीएम साउथ कशिश मित्तल और अन्य अधिकारियों के साथ सुबह से शाम तक मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन के अधिकारियों को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि यह अभियान शांतिपूर्ण खत्म हो जाएगा। इस अभियान के पहले दिन प्रशासन ने 50 फीसदी हिस्से को खाली कराया था।
उधर, कालोनी के बाहर कई लोग अपने सामान के साथ दिन भर बैठे रहे। वहीं शाम को अभियान खत्म हो जाने के बाद कुछ लोग मलबे में से अपना सामान बटोरते रहे।
कहीं खुशी, कहीं गम
कालोनी नंबर पांच से हट जाने से सबसे ज्यादा खुशी सेक्टर-50 और 51 में बनी सोसाइटी में रहने वाले लोगों को है। इस कालोनी के कारण इन लोगों को कई तरह की दिक्कतें आती थीं।
वहीं, इस कालोनी के शिफ्ट होने से कई घरों में काम वाली का संकट खड़ा हो गया है। इस कालोनी में रहने वाली कई महिलाएं इन सेक्टरों के घरों में काम करने जाती थीं। इसी तरह से कई घरों को माली नहीं मिल रहे हैं तो कई जगह से धोबी गायब हो गए हैं।
बंसल ने सुनी लोगों की समस्या
सांसद पवन कुमार बंसल ने धनास स्थित पुनर्वास कालोनी का दौरा किया और वहां रहने आए लोगों की समस्याओं को सुना।
बंसल ने कहा कि वे उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखेंगे और प्रशासन के अधिकारियों से बात करके उनकी दिक्कतों का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
इस मौके पर चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर सुभाष चावला, पूर्व मेयर प्रदीप छाबडा, डिप्टी मेयर सतीश कैंथ, सीटीसीसी कालोनी सेल के अध्यक्ष शशि शंकर तिवारी, सत प्रकाश अग्रवाल, हरफू ल कल्याण भी मौजूद थे।
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तीसरे दिन प्रशासन ने सेक्टर-50 ए की तरफ बनी झुग्गियों को हटाया। सुबह लगभग 8.30 बजे शुरू हुआ अभियान शाम चार बजे के आसपास खत्म हुआ। तीसरे दिन पांच हजार से ज्यादा झुग्गियों को तोड़ा गया।
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प्रशासन की ओर से झुग्गियों को खाली कराने के साथ साथ फेंसिंग भी की जा रही है ताकि यहां दोबारा से अतिक्रमण न हो सके। तीन दिन के इस अभियान में प्रशासन ने कालोनी नंबर पांच से लगभग दस हजार झुग्गियों को तोड़ दिया है और इससे 100 एकड़ से ज्यादा जमीन खाली हो गई है।
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तीसरे दिन भी उपायुक्त मोहम्मद शाइन, एसडीएम साउथ कशिश मित्तल और अन्य अधिकारियों के साथ सुबह से शाम तक मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन के अधिकारियों को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि यह अभियान शांतिपूर्ण खत्म हो जाएगा। इस अभियान के पहले दिन प्रशासन ने 50 फीसदी हिस्से को खाली कराया था।
उधर, कालोनी के बाहर कई लोग अपने सामान के साथ दिन भर बैठे रहे। वहीं शाम को अभियान खत्म हो जाने के बाद कुछ लोग मलबे में से अपना सामान बटोरते रहे।
कहीं खुशी, कहीं गम
कालोनी नंबर पांच से हट जाने से सबसे ज्यादा खुशी सेक्टर-50 और 51 में बनी सोसाइटी में रहने वाले लोगों को है। इस कालोनी के कारण इन लोगों को कई तरह की दिक्कतें आती थीं।
वहीं, इस कालोनी के शिफ्ट होने से कई घरों में काम वाली का संकट खड़ा हो गया है। इस कालोनी में रहने वाली कई महिलाएं इन सेक्टरों के घरों में काम करने जाती थीं। इसी तरह से कई घरों को माली नहीं मिल रहे हैं तो कई जगह से धोबी गायब हो गए हैं।
बंसल ने सुनी लोगों की समस्या
सांसद पवन कुमार बंसल ने धनास स्थित पुनर्वास कालोनी का दौरा किया और वहां रहने आए लोगों की समस्याओं को सुना।
बंसल ने कहा कि वे उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखेंगे और प्रशासन के अधिकारियों से बात करके उनकी दिक्कतों का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
इस मौके पर चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर सुभाष चावला, पूर्व मेयर प्रदीप छाबडा, डिप्टी मेयर सतीश कैंथ, सीटीसीसी कालोनी सेल के अध्यक्ष शशि शंकर तिवारी, सत प्रकाश अग्रवाल, हरफू ल कल्याण भी मौजूद थे।