हरियाणा में रिक्त पड़े प्लाट के कलेक्टर रेट होंगे संशोधित, कमेटी का भी होगा गठन
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की संपदाओं में जितने भी प्लाट रिक्त पड़े हैं, उनका कलेक्टर रेट संशोधित किया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की संपदाओं में जितने भी प्लाट रिक्त पड़ते हैं चाहे वे रिहायशी हो, औद्योगिक हो या किसी अन्य श्रेणी का हो सबके कलेक्टर रेट निर्धारित कर एक उचित मूल्य निर्धारण कमेटी का गठन करें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में प्राधिकरण की जिनती भी संपत्तियां हैं, हर छह माह के बाद उपायुक्तों के माध्यम से उनके कलेक्टर रेटस संशोधित किए जाने चाहिए, जो सम्पत्ति का बेस-मूल्य होगा। बतौर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के चेयरमैन मुख्यमंत्री शुक्रवार को प्राधिकरण की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक डी सुरेश ने मुख्यमंत्री को इस बात से अवगत करवाया कि वर्ष 2016 में प्लाट आवंटन के लिए आरम्भ की गई ई-निलामी योजना के तहत प्राधिकरण के पास कुल 10,482 सम्पत्तियां हैं जिसमें से लगभग 5,500 संपत्तियां रिहायशी तथा 4863 सम्पत्तियां वाणिज्यिक एवं औद्योगिक थी, शेष संस्थागत श्रेणी की सम्पत्तियां हैं, जिनमें से 2832 रिहायशी श्रेणी की सम्पत्तियों को ई-निलामी के लिए वेबसाइट पर डाला गया था और 882 प्लाटों का आवंटन ही हो पाया है।
बैठक में इस बात की भी जानकारी दी गई कि प्राधिकरण का गुरुग्राम के सेक्टर-29 तथा पंचकूला के सेक्टर-5 में प्रशासनिक टॉवर बनाने की योजना है। इसके अलावा, आने वाले समय में प्राधिकरण के पास राजीव चौक गुरुग्राम के रि-मॉडलिंग सहित 2027 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की बड़ी परियोजनाएं क्रियान्वित करने के प्रस्ताव भी है। जबकि गुरुग्राम के सेक्टर-29 की वाणिज्यिक एवं औद्योगिक सम्पदाओं की योजनाएं आज के गुरुग्राम की आवश्यकतानुसार नए सिरे से तैयार करने के लिए ग्लोबल एडवाइजर रखा जाएगा।