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लुधियाना में बनाएंगे पराली से बायो सीएनजी, गडकरी बोले- पर्यावरण और किसानों का होगा फायदा
Tue, 09 Jun 2020 11:39 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 09 Jun 2020 11:39 AM IST
सार
- नागपुर में चल रहे हैं ऐसे प्रोजेक्ट
- सीएनजी बनाने से प्रदूषण कम होगा
- दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे बनाएंगे
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से काफी प्रदूषण होता है। इस समस्या के हल के लिए पराली से बायो सीएनजी बनाने का प्रोजेक्ट लुधियाना में जल्द शुरू किया जाएगा। इसका उद्घाटन करने वह खुद जाएंगे। ऐसे प्रोजेक्ट नागपुर में लगाए हुए हैं जिनसे बस और ट्रक चल रहे हैं।
गडकरी ने सोमवार को अमर उजाला के संपादकों के साथ वेबिनार के जरिये बातचीत में कहा कि देश का प्रदूषण कम होना चाहिए और यही मेरा लक्ष्य है। पराली से बायो सीएनजी बनाने से प्रदूषण कम होगा और किसानों को फायदा भी होगा। पांच टन पराली से एक टन बायो सीएनजी निकलती है। इसके साथ ही चावल से इथेनॉल तैयार होता है तो उस पर भी काम कर सकते हैं। 500 डिस्टलरी लगा रहे हैं जो हरियाणा व पंजाब के लिए बेहतर प्रोजेक्ट हो सकते हैं।
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दिल्ली से पानीपत तक चौड़ीकरण का काम होगा तेज, जालंधर से अजमेर तक बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे की तैयारी
गडकरी ने बताया कि देश का काफी व्यस्त रहने वाला नेशनल हाईवे-44 कई राज्यों को जोड़ता है। इस पर रोज करीब 1.20 लाख वाहन दौड़ते हैं। इसका भार कम करने के लिए नया विकल्प दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे तैयार किया जा रहा है जिस पर जल्द ही काम भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण को चुका है और लगभग 700 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। इस एक्सप्रेस वे के बनने से दिल्ली से अमृतसर व कटरा जाने में कई घंटे बचेंगे।
जालंधर से अजमेर तक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
इसके साथ ही जालंधर से अजमेर तक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनेगा। इससे पंजाब से मुंबई जाने वाला ट्रैफिक सीधा जाएगा और दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी।
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गडकरी ने सोमवार को अमर उजाला के संपादकों के साथ वेबिनार के जरिये बातचीत में कहा कि देश का प्रदूषण कम होना चाहिए और यही मेरा लक्ष्य है। पराली से बायो सीएनजी बनाने से प्रदूषण कम होगा और किसानों को फायदा भी होगा। पांच टन पराली से एक टन बायो सीएनजी निकलती है। इसके साथ ही चावल से इथेनॉल तैयार होता है तो उस पर भी काम कर सकते हैं। 500 डिस्टलरी लगा रहे हैं जो हरियाणा व पंजाब के लिए बेहतर प्रोजेक्ट हो सकते हैं।
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दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे की तैयारी
गडकरी ने बताया कि देश का काफी व्यस्त रहने वाला नेशनल हाईवे-44 कई राज्यों को जोड़ता है। इस पर रोज करीब 1.20 लाख वाहन दौड़ते हैं। इसका भार कम करने के लिए नया विकल्प दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे तैयार किया जा रहा है जिस पर जल्द ही काम भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण को चुका है और लगभग 700 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। इस एक्सप्रेस वे के बनने से दिल्ली से अमृतसर व कटरा जाने में कई घंटे बचेंगे।
जालंधर से अजमेर तक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
इसके साथ ही जालंधर से अजमेर तक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनेगा। इससे पंजाब से मुंबई जाने वाला ट्रैफिक सीधा जाएगा और दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी।