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चंडीगढ़ः सस्ते के चक्कर में जान से खिलवाड़, कारों में लगाए जा रहे अवैध सीएनजी किट
Thu, 21 Nov 2019 01:39 PM IST
खुशबू गोयल
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 21 Nov 2019 01:39 PM IST
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फाइल फोटो
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चंडीगढ़ में इन दिनों कारों में धड़ल्ले से अवैध सीएनजी किट लगाने का धंधा चल रहा है। बिना लाइसेंस वाली 8-10 साल पुरानी सीएनजी किट कारों में लगवाकर लोग अपने साथ दूसरों की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं, क्योंकि सड़क पर दौड़ रहीं अवैध सीएनजी किट से लैस यह कारें कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं। और यह सब केवल कुछ हजार रुपये बचाने के चक्कर में किया जा रहा है।
जानकारों के मुताबिक, लाइसेंस वाली वैध सीएनजी किट लगवाने पर 30 से 40 हजार रुपये का खर्च आता है जबकि अवैध रूप से लगने वाला यह सीएनजी किट महज 10 से 12 हजार रुपये में मोटर मार्केट में लगा दिया जाता है। खास बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देती, जिस कारण अवैध सीएनजी किट लगाने का धंधा खूब फल-फूल रहा है। सीएनजी जानकारों के मुताबिक, शहर में अवैध सीएनजी किट से लैस कारों की संख्या 2500 तक पहुंच चुकी है।
बढ़ते प्रदूषण के रोकथाम के लिए इन दिनों केंद्र हो या राज्य सरकार, सभी इलेक्ट्रिक वाहन या सीएनजी वाहनों को प्रमोट कर रही हैं। सस्ती होने के साथ ही सीएनजी बढ़ते प्रदूषण के रोकथाम में बेहद कारगर है। इसी के चलते चंडीगढ़ में भी प्रशासन सीएनजी को प्रमोट कर रहा है। ट्राइसिटी में सीएनजी पंपों की संख्या बीते कुछ सालों में ही 11 के आंकड़े पर पहुंच गई है। इसके चलते पुराने वाहनों में सीएनजी किट लगवाने का चलन भी बढ़ गया है।
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अधिकृत रूप से सीएनजी किट लगवाने के लिए पैसे अधिक खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में पैसे बचाने के लिए लोग मोटर मार्केट से बिना लाइसेंस वाली अवैध सीएनजी किट लगवा रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है।
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जानकारों के मुताबिक, लाइसेंस वाली वैध सीएनजी किट लगवाने पर 30 से 40 हजार रुपये का खर्च आता है जबकि अवैध रूप से लगने वाला यह सीएनजी किट महज 10 से 12 हजार रुपये में मोटर मार्केट में लगा दिया जाता है। खास बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देती, जिस कारण अवैध सीएनजी किट लगाने का धंधा खूब फल-फूल रहा है। सीएनजी जानकारों के मुताबिक, शहर में अवैध सीएनजी किट से लैस कारों की संख्या 2500 तक पहुंच चुकी है।
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बढ़ते प्रदूषण के रोकथाम के लिए इन दिनों केंद्र हो या राज्य सरकार, सभी इलेक्ट्रिक वाहन या सीएनजी वाहनों को प्रमोट कर रही हैं। सस्ती होने के साथ ही सीएनजी बढ़ते प्रदूषण के रोकथाम में बेहद कारगर है। इसी के चलते चंडीगढ़ में भी प्रशासन सीएनजी को प्रमोट कर रहा है। ट्राइसिटी में सीएनजी पंपों की संख्या बीते कुछ सालों में ही 11 के आंकड़े पर पहुंच गई है। इसके चलते पुराने वाहनों में सीएनजी किट लगवाने का चलन भी बढ़ गया है।
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अधिकृत रूप से सीएनजी किट लगवाने के लिए पैसे अधिक खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में पैसे बचाने के लिए लोग मोटर मार्केट से बिना लाइसेंस वाली अवैध सीएनजी किट लगवा रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है।
शहर में यहां लगाई जाती हैं अवैध सीएनजी किट
चंडीगढ़ शहर में कारों में सीएनजी की पुरानी किट सेक्टर-48 और 38 और मनीमाजरा स्थित मोटर मार्केट में लगाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त जीरकपुर के भी कुछ जगहों पर यह खेल किया जाता है।
क्यों खतरनाक हैं पुरानी किटें
पुरानी किटों में 8 से 10 साल पुराने सिलिंडर का प्रयोग किया जाता है। चूंकि सीएनजी हाई प्रेशर गैस है, इस कारण सिलिंडर फटने का खतरा अधिक होता है। जो कभी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
अवैध किट की कीमत 10 से 12 हजार
सस्ती होने के कारण भी कार चालक पुरानी किट को लगवा लेते हैं। नई किट 30 से 40 हजार रुपये में लगाई जाती है, जबकि पुरानी किट मात्र 10 से 12 हजार रुपये में आराम से वाहन चालकों को मिल जाती है।
नहीं मिलता है इंश्योरेंस क्लेम
अनाधिकृत सीएनजी किट लगवाने पर वाहन चालकों को नुकसान भी उठाना पड़ता है। जानकारों के मुताबिक, ऐसे वाहन अगर हादसे का शिकार हो जाते हैं तो उन्हें कंपनी के द्वारा इंश्योरेंस क्लेम नहीं दिया जाता। इसके अलावा हमेशा हादसे का डर भी बना रहता है।
क्यों खतरनाक हैं पुरानी किटें
पुरानी किटों में 8 से 10 साल पुराने सिलिंडर का प्रयोग किया जाता है। चूंकि सीएनजी हाई प्रेशर गैस है, इस कारण सिलिंडर फटने का खतरा अधिक होता है। जो कभी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
अवैध किट की कीमत 10 से 12 हजार
सस्ती होने के कारण भी कार चालक पुरानी किट को लगवा लेते हैं। नई किट 30 से 40 हजार रुपये में लगाई जाती है, जबकि पुरानी किट मात्र 10 से 12 हजार रुपये में आराम से वाहन चालकों को मिल जाती है।
नहीं मिलता है इंश्योरेंस क्लेम
अनाधिकृत सीएनजी किट लगवाने पर वाहन चालकों को नुकसान भी उठाना पड़ता है। जानकारों के मुताबिक, ऐसे वाहन अगर हादसे का शिकार हो जाते हैं तो उन्हें कंपनी के द्वारा इंश्योरेंस क्लेम नहीं दिया जाता। इसके अलावा हमेशा हादसे का डर भी बना रहता है।
वैध सीएनजी सेंटर के लिए क्या है गवर्नमेंट पॉलिसी
- सीएनजी सेंटर के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है
- गवर्नमेंट अप्रूव सीएनजी किट लगाना अनिवार्य है
- वाहन की आरसी पर सीएनजी किट की जानकारी जरूरी
- वाहन में लगे सिलिंडर का नागपुर से अप्रूव होना आवश्यक
यहां है वैध सीएनजी सेंटर
चंडीगढ़ में सीएनजी के वैध सेंटर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित है। इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 1 और 2 में यह सीएनजी सेंटर स्थित है।
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। ऐसे वाहनों को चिह्नित कर उनके कागजों का परीक्षण किया जाएगा। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- शशांक आनंद, एसएसपी ट्रैफिक, चंडीगढ़
जल्द ही कारों में अवैध सीएनजी किट लगाने वालों के खिलाफ अभियान चलाएंगे। साथ ही ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इंफोर्समेंट विंग एक बार फिर से छापेमारी करेगी।
- हरजीत सिंह संधू, एडीशनल सेक्रेटरी, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट
- गवर्नमेंट अप्रूव सीएनजी किट लगाना अनिवार्य है
- वाहन की आरसी पर सीएनजी किट की जानकारी जरूरी
- वाहन में लगे सिलिंडर का नागपुर से अप्रूव होना आवश्यक
यहां है वैध सीएनजी सेंटर
चंडीगढ़ में सीएनजी के वैध सेंटर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित है। इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 1 और 2 में यह सीएनजी सेंटर स्थित है।
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। ऐसे वाहनों को चिह्नित कर उनके कागजों का परीक्षण किया जाएगा। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- शशांक आनंद, एसएसपी ट्रैफिक, चंडीगढ़
जल्द ही कारों में अवैध सीएनजी किट लगाने वालों के खिलाफ अभियान चलाएंगे। साथ ही ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इंफोर्समेंट विंग एक बार फिर से छापेमारी करेगी।
- हरजीत सिंह संधू, एडीशनल सेक्रेटरी, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट