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सीएम विंडो की मॉनीटरिंग, हरियाणा के 40 अफसरों पर सस्पेंशन की गाज
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 04 Jul 2016 09:28 AM IST
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सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा सरकार के दो साल का समय निकट आने के साथ ही मुख्यमंत्री ने सीएम विंडो की मॉनीटरिंग कर रहे अधिकारियों पर भी सख्ती कर दी है। नतीजा यह हुआ कि सीएमओ ने अब तक चालीस अधिकारियों पर सस्पेंशन की गाज गिरा दी है। इसके बाद यह अधिकारी सीएमओ के चक्कर काट रहे हैं।
हाथ जोड़कर सीएमओ पहुंची एक महिला अधिकारी बार-बार यह दुहाई दे रही थीं कि अब गलती नहीं होगी। शिकायतों का निपटारा सीएम विंडो पर नहीं दिखा तो यह महिला अधिकारी मुख्यमंत्री का कोपभाजन बन गईं। इन्हें सस्पेंड भले ही नहीं किया गया, लेकिन विभागीय कार्रवाई का पत्र थमा दिया गया। सस्पेंशन की चिट्ठी हाथ में लेकर अन्य अधिकारी भी सीएमओ के चक्कर काट रहे हैं।
सरकार का दावा है कि लापरवाही बरतने में अब तक 40 अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। इसमें अधिकतर क्लास वन गजटेड अधिकारी हैं। इसमें डिप्टी लेबर कमिश्नर, सीएमओ, एमओ, एक्सीएन और एसडीओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। दो उपायुक्तों को भी सरकार ने कोताही बरतने पर कारण बताओं नोटिस भेजा है। कारण बताओ नोटिस की लिस्ट में कुछ डीसीपी और पुलिस अधिक्षक भी शामिल हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के चार अधिकारियों के विभाग में ढिलाई के चलते मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर इन अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की है। अधिकारियों की एसीआर भी मुख्यमंत्री के माध्यम से ही जाती है, लिहाजा यह अधिकारी भी सीएम दरबार के चक्कर काट रहे हैं।
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हाथ जोड़कर सीएमओ पहुंची एक महिला अधिकारी बार-बार यह दुहाई दे रही थीं कि अब गलती नहीं होगी। शिकायतों का निपटारा सीएम विंडो पर नहीं दिखा तो यह महिला अधिकारी मुख्यमंत्री का कोपभाजन बन गईं। इन्हें सस्पेंड भले ही नहीं किया गया, लेकिन विभागीय कार्रवाई का पत्र थमा दिया गया। सस्पेंशन की चिट्ठी हाथ में लेकर अन्य अधिकारी भी सीएमओ के चक्कर काट रहे हैं।
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सरकार का दावा है कि लापरवाही बरतने में अब तक 40 अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। इसमें अधिकतर क्लास वन गजटेड अधिकारी हैं। इसमें डिप्टी लेबर कमिश्नर, सीएमओ, एमओ, एक्सीएन और एसडीओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। दो उपायुक्तों को भी सरकार ने कोताही बरतने पर कारण बताओं नोटिस भेजा है। कारण बताओ नोटिस की लिस्ट में कुछ डीसीपी और पुलिस अधिक्षक भी शामिल हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के चार अधिकारियों के विभाग में ढिलाई के चलते मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर इन अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की है। अधिकारियों की एसीआर भी मुख्यमंत्री के माध्यम से ही जाती है, लिहाजा यह अधिकारी भी सीएम दरबार के चक्कर काट रहे हैं।
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सौ से ज्यादा सरपंचों पर एफआईआर
सीएम खट्टर
- फोटो : ani
सीएम विंडो से मिले रिकार्ड के मुताबिक भ्रष्टाचार में 100 से ज्यादा सरपंच पर एफआईआर है। इसमें से अधिकतर हवालात की हवा खा चुके हैं। चूंकि पुलिस की शिकायतें सबसे ज्यादा आती हैं। लिहाजा यह जरूरी कर दिया है कि सिविल नेचर के मामलों में पुलिस डिस्ट्रक्ट अटार्नी की रिपोर्ट लगाए।
एक लाख 60 हजार से अधिक शिकायतें पहुंचीं :
गत 28 जून तक सीएम विंडो पर एक लाख 60 हजार से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। इसमें से 136471 का निपटारा हो गया है। 7836 के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है और 15297 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है।
एक लाख 60 हजार से अधिक शिकायतें पहुंचीं :
गत 28 जून तक सीएम विंडो पर एक लाख 60 हजार से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। इसमें से 136471 का निपटारा हो गया है। 7836 के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है और 15297 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है।