बीएसएफ के खिलाफ धरने पर ऐसे बदले बड़े बादल
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शिरोमणि अकाली दल ने आगामी 5 जनवरी को दिए जाने वाले धरने पर मंगलवार को अपना स्टैंड बदल दिया। पार्टी के संरक्षक और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि धरना केंद्र या बीएसएफ के खिलाफ नहीं, बल्कि नशों के विरुद्ध सुरक्षा बलों को और जागृत करने के लिए दिए जाएंगे।
बादल पार्टी मुख्यालय में दल के नेताओं को संबोधित कर रहे थे। बादल ने कहा कि वह धरने में नहीं जाएंगे, लेकिन उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल शिअद अध्यक्ष होने के नाते धरने की अगुवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि दल के मंत्री भी कार्यक्रमों में भाग लेंगे लेकिन निजी तौर पर। इस कार्य में वे अपनी सरकारी कारों का उपयोग नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अधिक से अधिक सतर्कता और ड्रग्स के प्रति जागरूकता लाने के तीन अंतरराष्ट्रीय चेक प्वाइंट पर धरने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई केंद्र, राज्य सरकारों और देश के लोगों की एक साझा जिम्मेदारी है। हालांकि, कई बार हमें खुद अपनी ही पुलिस (बीएसएफ) को भी जागृत करना पड़ता है।
सीमा पर सुरक्षा के लिए अपनाई जाएं नई तकनीकें
बादल ने कहा कि पाकिस्तान से लगती सीमा पर कांटेदार तार की बाड़ पार कर आने वाली ड्रग्स को रोकने के लिए सीमा पर निगरानी बढ़ाते हुए नई तकनीकों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने के बावजूद पंजाब को ही बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ इस मुहिम में सभी को शामिल होना चाहिए, तभी नशा मुक्त भारत का निर्माण होगा।
चार के बजाय अब तीन जगह धरने
बैठक में 14 जिलों के पार्टी पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। पार्टी प्रवक्ता महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि धरने अटारी अमृतसर, हुसैनीवाला फिरोजपुर और सदकी फाजिल्का चेक प्वाइंट पर होंगे।
गुरदासपुर के प्रस्तावित धरने को रद करते हुए इसका अटारी के साथ विलय कर दिया गया है। अटारी वाले धरने की अगुवाई पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल करेंगे।
ढींढसा ने मंत्रियों के धरने पर जाने पर जताया ऐतराज
पार्टी के महासचिव और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं जैसे मंत्रियों आदि को इन धरने में नहीं बैठना चाहिए। उन्होंने धरना कार्यक्रम को जल्दबाजी में लिया गया फैसला भी बताया, लेकिन इसे अपनी निजी राय बताते हुए, पार्टी के निर्णय पर सहमति भी जताई।
ड्रग्स सप्लाई रोकना राज्य का काम : गणपति
शिअद के धरने से संबंधित विवाद के बीच केंद्र ने साफ कहा है कि ड्रग्स की सप्लाई रोकना राज्य सरकार का काम है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एमएएस गणपति के अनुसार, बीएसएफ तो मात्र सीमा पर निगरानी करती है। दोनों एजेंसियों को मिलकर काम करना चाहिए। राजनीतिक कारणों से प्रोफेशनल अर्द्धसैनिक बल पर सवाल खड़ा करना गलत है।