जींद उपचुनावः रूठों को मनाने पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल, लेकिन नहीं बनी बात
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जींद उपचुनाव के दंगल में अब खुद मुख्यमंत्री भी उतर गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने अपने दौरे की शुरूआत कंडेला गांव से की। कंडेला गांव में उन्होंने सबसे पहले टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे टेकराम कंडेला से मुलाकात की। यहां टेकराम कंडेला और उनके समर्थकों ने टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके साथ करीब पांच मिनट तक बातचीत की।
कंडेला के समर्थकों ने कहा कि टेकराम कंडेला को टिकट का आश्वासन देकर भाजपा में शामिल करवाया गया था। ऐसे में अब उन्हें या तो राज्यसभा में भेजा जाए, या फिर किसी राज्य का राज्यपाल बनाया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी ज्वाइन करने के बाद कंडेला की उनसे कोई मुलाकात नहीं हुई। इस पर कंडेला ने कहा कि आपके आसपास का तंत्र आपसे मिलने ही नहीं दिया।
कंडेला के समर्थकों की नाराजगी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार संगठन के स्तर पर इस प्रकार का फैसला हो जाता है, लेकिन भाजपा टेकराम कंडेला के मान-सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इस पर कंडेला ने कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत करके जो भी फैसला होगा लेंगे। वह अपने साथियों के साथ मिलकर ही रहेंगे।
बदल चुका है कंडेला गांव
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अब कंडेला गांव बदल चुका है। अब कंडेला गांव शांत है। पिछली सरकारों ने यहां किसानों पर गोलियां तक चलवाईं। इसके विपरीत आज उनकी सरकार के समय कंडेला गांव के लोग बिजली का बिल भी भर रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि कंडेला गांव के लोग भाजपा को समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग भाईचारा बिगाड़ने की बात कर रहे हैं, उनके मनसूबे को सफल नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा हमेशा ही हरियाणा एक हरियाणवी एक के नारे पर चल रही है।
उन्होंने कहा कि आज राजनीति में जात-पात का घुण लगा है। इसे समाप्त करना ही उनका लक्ष्य है। इस दौरान उन्होंने कहा कि रणदीप सुरजेवाला को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाना कांग्रेस का टोटा दिखा रहा है। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कोई विधायक रहते ही विधायक का चुनाव लड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैथल से विधायक रहते रणदीप सुरजेवाला की सदन में हाजिरी दस प्रतिशत से कम रही है। इनमें से भी कई मीटिंगों में वे सिर्फ हाजिरी लगाने आए हैं। ऐसे में जींद की जनता को उनसे कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उनकी सरकार में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार को समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि घरवाली चिंता न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को है, न यूपी के मुख्यमंत्री योगी को और न ही उन्हें (मनोहर लाल को) है। उन्होंने पूरे हरियाणा में एक समान विकास करवाया है। उन्हें एक ही चिंता है वह है कि राजनीति से जात-पात के घुण को कैसे समाप्त किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक यहां राजनीति करने वाले लोगों को जातियों को वोट बैंक के रूप में प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर वर्ग के लिए नीतियां बनाई हैं। आज पांच लाख रुपये का इलाज आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त मिल रहा है। पहले पेंशन में काफी गड़बड़ी होती थी, लेकिन अब यह सीधी बैंक खातों में आ रही है।
20 साल पहले कंडेला गांव में बिजली के बिल के लिए गोलियां चलाई गईं, लेकिन उनकी सरकार ने बिना किसी खून खराबे के शांति से बिजली के बिलों का निपटारा करवाया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से पूछा कि इसमें क्या कुछ गलत किया है।
उपचुनाव है टेस्ट
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उपचुनाव एक टेस्ट है। हालांकि नगर निगमों में यह टेस्ट हो चुका है, लेकिन वह बड़े शहरों का चुनाव था। अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का चुनाव है। उनकी सरकार ने जींद शहर में पेयजल, बाईपास, 100 बेड के अस्पताल को 200 बेड करने जैसे कई काम किए हैं। अभी भी सरकार के पास करीब एक साल है। जो कमी रही गई है, उसे भी पूरा किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि यह सीट भाजपा जीतती है तो इसका अर्थ होगा कि अगली सरकार भी भाजपा की ही बनेगी। अगली सरकार में भी अच्छे विकास कार्य करवाए जाएंगे।
लोग बहकाएंगे कि भाजपा तो झगड़ा करवाती है
मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि लोग उन्हें बहकाएंगे कि भाजपा झगड़ा करवाती है, लेकिन उनकी बातों में नहीं आना है। भाजपा ने चार साल में कोई झगड़ा नहीं करवाया, बल्कि झगड़ा करवाने बाहर से आए लोगों को भगाया है। न ही किसी को झगड़ा होने देंगे।
पुरानी योजनाओं को चढ़ाया सिरे
इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने परियोजनाओं को लटका दिया। वहीं उनकी सरकार ने उन योजनाओं को पूरा करवाया है। पिछली सरकार द्वारा लटकाया गया जींद-रोहतक फोरलेन का काम अभी तक काबू नहीं आया है। इस प्रकार केएमपी का काम 15 साल से लटका पड़ा था। लखवार डैम का मामला 40 साल में सुलझाया गया है।