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जल विवाद: सीएम मनोहर लाल बोले- SYL का पानी मिलने पर ही दिल्ली को अधिक आपूर्ति संभव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 20 May 2022 10:59 PM IST
सार

मनोहर लाल ने कहा कि पानी के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार बेवजह राजनीति न करे, हम उससे बड़ी राजनीति कर सकते हैं। इसमें पीछे रहने वाले नहीं। पानी की कमी पूरा करने की जिम्मेदारी उनकी भी है। हरियाणा अपने लोगों को प्यासा मारकर दिल्ली को ज्यादा पानी नहीं दे सकता।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : एएनआई
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विस्तार

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जल विवाद के मुद्दे पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार को दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, दिल्ली को उसके हक का पूरा पानी दे रहा है। राष्ट्रीय राजधानी को अधिक पानी की आपूर्ति एसवाईएल का पानी हरियाणा को मिलने पर ही संभव है। दिल्ली के साथ पंजाब में भी अब आप सरकार है, इसलिए एसवाईएल का पानी दिलाने के लिए दिल्ली डबल रोल निभाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 1049 क्यूसेक पानी दिल्ली को दिया जा रहा है।



मुख्यमंत्री यहां हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पानी के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार बेवजह राजनीति न करे, हम उससे बड़ी राजनीति कर सकते हैं। इसमें पीछे रहने वाले नहीं। पानी की कमी पूरा करने की जिम्मेदारी उनकी भी है। हरियाणा अपने लोगों को प्यासा मारकर दिल्ली को ज्यादा पानी नहीं दे सकता। जब भी दिल्ली जल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, हमेशा यह साबित हुआ कि हरियाणा मुनक हेड वर्क्स से दिल्ली को उसके हिस्से का पानी छोड़ रहा है। 


दिल्ली सरकार ओछी राजनीति कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस दिन पंजाब, हरियाणा को उसके हिस्से का पूरा पानी एसवाईएल व हांसी-बुटाना नहर के जरिये दे देगा, तब दिल्ली को अधिक पानी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, नांगलोई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और वजीराबाद-चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। दिल्ली सरकार हमारी तरह अपनी जल प्रबंधन योजनाएं बनाने की दिशा में कार्य करे। 

शहरी निकायों में विज्ञापन एजेंसियों का एकाधिकार खत्म
हरियाणा सरकार ने शहरी निकायों में विज्ञापन एजेंसियों का एकाधिकार खत्म कर दिया है। इससे सरकार को राजस्व चपत नहीं लगेगी। निकाय विज्ञापन के लिए रिजर्व प्राइस को बढ़ा सकेंगे। निजी भूमि मालिकों के अधिकार बढ़ाए गए हैं। यह हरियाणा विज्ञापन उपनियम-2022 से संभव हुआ है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को नए उपनियम जारी किए। 

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों पर विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए नई नीति लाए हैं। अभी तक विज्ञापन एजेंसियां नियमों में कमियों का गलत फायदा उठा रही थीं। राज्य में सक्रिय विज्ञापन एजेंसियों ने शहरों में एकाधिकार स्थापित कर लिया था। निजी भूमि मालिकों के किराये का कम मूल्यांकन कर उनका शोषण किया जा रहा था। 

नई नीति में लोगों को शोषण से मुक्ति दिलाई है। अब निकायों में कम मूल्य दरों पर सामूहिक रूप से बोली लगाने की गलत प्रथा रुकेगी। अनियमितताओं के दूर होने से निकायों को विज्ञापन से बड़ी राशि प्राप्त होगी। नगर पालिकाओं के अंतर्गत आने वाली सभी विज्ञापन साइट को अब निविदा या नीलामी से एजेंसियों को दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी 93 पालिकाओं के लिए एकल विज्ञापन पोर्टल बनाने जा रहे हैं। इसे एक महीने के भीतर लांच कर दिया जाएगा। इस पोर्टल पर निजी संपत्ति मालिक, विज्ञापन एजेंसी और विज्ञापन देने वालों को अपने स्थलों सहित पूरा विवरण देना होगा।

भूमि अधिग्रहण के लिए लागू होंगी दो नई नीतियां
हरियाणा सरकार भूमि अधिग्रहण की पेचीदगियों को खत्म करने के लिए दो नई नीतियां लाने जा रही है। बड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि न मिलने के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। अभी सरकार ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से स्वैच्छिक तरीके से जमीन ले रही है। जल्द ही लैंड पूलिंग और ज्वाइंट वेंचर नीति लाई जाएगी। किसानों को नई परियोजनाओं में लाभ का हिस्सेदार भी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि वर्तमान अधिनियम के तहत भूमि अधिग्रहण करना आसान नहीं है। कोर्ट की एन्हांसमेंट के कारण जमीन लेने का काम लंबा हो जाता है। जमीन आगे बड़े उपभोक्ताओं को भी देनी होती है, जिसमें दिक्कत आती है। नई नीतियों में छोटे-छोटे किसानों से उनकी जमीन एकत्रित कर सरकार लेगी, जिसमें किसानों को भूमि का उचित मूल्य दिया जाएगा। जमीन पर लगने वाली परियोजना से जो लाभ होगा, उसका हिस्सा किसानों को भी देंगे।

राज्यसभा प्रत्याशी पर नहीं खोले पत्ते, कुलदीप को बताया मित्र
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दस जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से होने वाले प्रत्याशी को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि उम्मीदवार संसदीय बोर्ड तय करेगा। समीकरण संख्या बल के हिसाब से तय होंगे। दोनों सीट पर उम्मीदवार उतारेंगे या एक पर, यह समय पर पता चल जाएगा। निश्चित तिथि पर उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर देंगे। कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई से मुलाकात पर सीएम बोले कि वे मेरे मित्र हैं। उनके साथ मुलाकात होती रहती है।
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