मनोहर लाल बोले- किसान आंदोलन की वजह से अगर कोरोना की स्थिति बिगड़ी तो पंजाब सरकार होगी जिम्मेदार
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किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा और पंजाब के सीएम आमने-सामने हैं। पिछले दो दिनों से कैप्टन अमरिंदर सिंह और मनोहर लाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। हिसार पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोराना के कारण ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। इसी कारण से यह रैली भी वर्चुअल आयोजित की गई है। मुझे हैरानी है कि पंजाब की सरकार ने इस आंदोलन को प्रोत्साहित किया। अगर इसके कारण कोरोना की स्थिति बिगड़ती है तो मैं इसके लिए पंजाब सरकार को दोषी मानता हूं।
इसी विषय को लेकर मैंने पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से बातचीत करने की कोशिश की थी लेकिन वह मना कर रहे हैं। अब जब हमने उनकी बातचीत का रिकॉर्ड सोशल मीडिया पर डाला तो उनके पास कोई जवाब नहीं बचा। क्योंकि यह पंजाब सरकार का प्रायोजित कार्यक्रम है, इसलिए वह अब पीछे भाग रहे हैं।
आंसू गैस और पानी की बौछार बल प्रयोग नहीं
उन्होंने कहा कि हमने किसानों को इसलिए रोका कि दिल्ली में इतने लोगों को दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। मगर वे जोर जबरदस्ती से आगे बढ़ गए तो हमने फैसला किया कि हम बल प्रयोग नहीं करेंगे। आंसू गैस व पानी की बौछार को मैं बल प्रयोग नहीं मानता। ये तो लोगों को रोकने के लिए एक अवरोधक के काम आते हैं। अब ये लोग सीमा पर बिना सामाजिक दूरी के दो जगह बैठे हैं, जो एक खतरे का संकेत है। गृह मंत्री ने भी इनसे बुराड़ी के मैदान में इकट्ठा होने की अपील की है। अगर ये लोग बुराड़ी के मैदान में इकट्ठा हो जाते हैं तो इन्हें बातचीत के लिए जल्दी बुलाया जा सकता है।
पंजाब के सीएम ने किया ओछी भाषा का इस्तेमाल
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के सीएम मुझसे नाराज नहीं हैं, लेकिन उन्होंने जिस प्रकार की ओछी भाषा का इस्तेमाल किया है, वह एक सीएम को शोभा नहीं देता। उस पर मैं बोलूं यह अच्छा नहीं है। लोग सोशल मीडिया पर बोल रहे हैं कि एक मुख्यमंत्री का दूसरे मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने जैसा व्यवहार किया है, मैं ऐसा व्यवहार नहीं कर सकता।
कैप्टन बोले- मनोहर लाल माफी मांगें
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एलान किया कि किसान आंदोलन में कोई भी सियासी पार्टी शामिल नहीं है। किसानों पर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने के आरोप लगाने पर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल पर बरसते हुए कैप्टन ने कहा कि पंजाबी कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और दूसरी तरफ हरियाणा है, जिसने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और किसानों को जबरन रोकने के लिए राष्ट्रीय मार्ग पर अड़चनें पैदा कीं।
कैप्टन ने मनोहर लाल पर झूठ फैलाने और उस मामले में टांग अड़ाने का आरोप लगाया, जिसका उनके राज्य से कोई लेना-देना ही नहीं था। उन्होंने कहा कि हरियाणा द्वारा पंजाब के किसानों पर आंसू गैस छोड़ने, लाठीचार्ज करने और पानी की बौछारें करने से बहुत से किसान जख्मी हुए, ऐसे में किसानों पर जुल्म के लिए मनोहर लाल स्पष्ट तौर पर माफी मांगे।
If any dangerous situation arises due to coronavirus, Punjab govt will be responsible for it. I tried to speak to Punjab CM on this matter but he denied of receiving any call. Later when I showed the proof, he was left speechless: Haryana CM Manohar Lal Khattar. https://t.co/HgpciIa9kj pic.twitter.com/GgjKUWl5iu
— ANI (@ANI) November 29, 2020