चुनाव से पहले हुड्डा ने खेला नया दांव
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हरियाणा सरकार ने प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित कर खरीफ मौसम 2014 की फसलों के नुकसान के आंकलन के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश दे दिए हैं। सरकार ने संभावना जताई है कि एक माह में गिरदावरी का काम पूरा हो जाएगा।
संवाददाताओं से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि धान और कपास की फसलों के 50 प्रतिशत से अधिक फसलों के नुकसान के लिए 4,000 रुपये प्रति एकड़ और अन्य फसलों के लिए 3500 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नियमानुसार मुआवजे के रूप में 1800 और 3600 रुपये निर्धारित है।
केंद्र सरकार से मांगा पैकेज
राज्य ने केंद्र सरकार को 4829.25 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज का ज्ञापन सौंपा है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस पर सकारात्मक रुख अपनाएगा। मौसम विभाग से प्राप्त आकड़ों के अनुसार एक जून से 31 अगस्त तक प्रदेश में औसत से 65 प्रतिशत से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
वहीं, 21 जिलों में से 18 जिलों में 50 प्रतिशत से कम बारिश हुई है। केंद्र सरकार को भेजे गए पैकेज में 1191.79 करोड़ रुपये बिजली निगमों के, 1047.71 करोड़ रुपये नाबार्ड व सहकारी क्षेत्र के मनरेगा व समेकित वाटर शेड प्रबंधन कार्यक्रम के 293.30 करोड़ रुपये, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के 81.30 करोड़ रुपये, जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी के 82.50 करोड़ रुपये, बागवानी विभाग के 66.81 करोड़ रुपये, सिंचाई विभाग के 350 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इससे पहले वर्ष 2002 में राज्य को सूखा प्रभावित प्रदेश घोषित किया गया था। केंद्र सरकार को भेजे गए 1200 करोड़ रुपये के पैकेज में से 400 करोड़ रुपये ही मिले थे।
पैकेज न मिला तो कांग्रेस बना सकती है मुद्दा
हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले सूखे को लेकर कांग्रेस सरकार ने गेंद केंद्र के पाले में डाल दी है। यदि सूखा पैकेज पूरा नहीं मिला तो पार्टी इसे चुनाव में मुद्दा बना सकती है। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है, लेकिन यदि केंद्र की भाजपा सरकार ने सूखे का पैकेज देने में टालमटोल की तो हरियाणा विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा बन सकता है।
मुख्यमंत्री हुड्डा डीजल पर सब्सिडी देने के केंद्र की घोषणा को नाकाफी बता चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सूखाग्रस्त राज्यों में किसानों को डीजल पर सब्सिडी देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चार अगस्त को घोषित की गई योजना से किसानों को अधिक राहत मिलने वाली नहीं है।
डीजल पर सब्सिडी योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 50-50 के अनुपात में वहन किया जाता है। केंद्र के योजना के अनुसार पूरे खरीफ मौसम के लिए 1050 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से निर्धारित किए गए हैं। जो 420 रुपये प्रति एकड़ बनते है।