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डोप टेस्ट पॉजीटिव आया तो क्या होगा, सवाल के जवाब ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह बोले...
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:31 AM IST
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अमरिंदर सिंह
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डोप टेस्ट को लेकर सरकारी मुलाजिमों में चल रहे असमंजस को आखिर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दूर कर दिया है। उन्होंने साफ किया है कि किसी भी मुलाजिम का डोप टेस्ट पॉजिटिव निकला तो उसे बर्खास्त नहीं किया जाएगा। बल्कि, पहचान गुप्त रखते हुए उसका इलाज करवाया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा नशा विरोधी मुहिम को लेकर बनी कैबिनेट सब-कमेटी की मीटिंग की प्रधानगी करते हुए सीएम ने मुख्य सचिव को मुलाजिमों का डोप टेस्ट करवाने की प्रक्रिया तैयार करने की हिदायत दी। सीएम ने कहा कि एसएचओ निर्धारित समय में अपने इलाकों में पड़ते गांवों से नशों की समस्या दूर करने के लिए जवाबदेह होंगे।
उन्होंने नशों से संबंधित बकाया मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि एसडीएम, डीएसपी भी अपने इलाकों को नशा मुक्त करने के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने फैसला लिया कि नशे के आदी जो लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज का खर्च नहीं उठा सकते, उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी।
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सीएम ने नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और ओट सेंटरों का विस्तार करने के आदेश दिए। सेहत विभाग को कहा गया कि निजी क्लीनिक को भी साथ शामिल करें। सीएम ने मंत्रियों को विभिन्न जिलों का दौरा करने और अधिकारियों, एनजीओ, सिविल सोसाइटीज के साथ विचार-विमर्श करने को कहा। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने को लोक लहर समय की जरूरत है।
संबंधित विभागों को नशा विरोधी मुहिम राज्य भर के लोगों तक ले जानी चाहिए। मीटिंग में सेहतमंत्री ब्रह्म महिंद्रा, ट्रांसपोर्ट मंत्री अरुणा चौधरी, सीएम के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, एसीएस एनएस कलसी व सतीश चंद्रा, डीजीपी सुरेश अरोड़़ा व दिनकर गुप्ता भी मौजूद थे।
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राज्य सरकार द्वारा नशा विरोधी मुहिम को लेकर बनी कैबिनेट सब-कमेटी की मीटिंग की प्रधानगी करते हुए सीएम ने मुख्य सचिव को मुलाजिमों का डोप टेस्ट करवाने की प्रक्रिया तैयार करने की हिदायत दी। सीएम ने कहा कि एसएचओ निर्धारित समय में अपने इलाकों में पड़ते गांवों से नशों की समस्या दूर करने के लिए जवाबदेह होंगे।
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उन्होंने नशों से संबंधित बकाया मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि एसडीएम, डीएसपी भी अपने इलाकों को नशा मुक्त करने के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने फैसला लिया कि नशे के आदी जो लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज का खर्च नहीं उठा सकते, उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी।
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सीएम ने नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और ओट सेंटरों का विस्तार करने के आदेश दिए। सेहत विभाग को कहा गया कि निजी क्लीनिक को भी साथ शामिल करें। सीएम ने मंत्रियों को विभिन्न जिलों का दौरा करने और अधिकारियों, एनजीओ, सिविल सोसाइटीज के साथ विचार-विमर्श करने को कहा। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने को लोक लहर समय की जरूरत है।
संबंधित विभागों को नशा विरोधी मुहिम राज्य भर के लोगों तक ले जानी चाहिए। मीटिंग में सेहतमंत्री ब्रह्म महिंद्रा, ट्रांसपोर्ट मंत्री अरुणा चौधरी, सीएम के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, एसीएस एनएस कलसी व सतीश चंद्रा, डीजीपी सुरेश अरोड़़ा व दिनकर गुप्ता भी मौजूद थे।
नशा खत्म करने के लिए लिया फांसी का फैसला: अमरिंदर
कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को पुलिस और सरकारी मुलाजिमों का डोप टेस्ट करने संबंधी अपने फैसले के हक में कहा कि एहतियात के तौर पर ऐसे टेस्ट सेना में भी होते हैं। सोमवार को यहां पुलिस भर्ती प्रशिक्षण केंद की पासिंग आउट परेड के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करों और माफिया पर राज्य सरकार का दबाव बढ़ने से नशों की सप्लाई लाइन टूटी है, जिस कारण नशे के आदी मजबूरन बनावटी नशे का सेवन करने लगे, जिसके नतीजे के तौर पर मौतें हुई हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नशे की तस्करी के पहले जुर्म में ही फांसी की सजा दिए जाने के प्रस्ताव का उद्देश्य इस बीमारी को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस को नशा तस्करों के बारे में सूचना मिलने के बढ़ रहे मामले और बड़ी संख्या में नौजवानों का इलाज और पुनर्वास केंद्रों में जाना, सिद्ध करता है कि नौजवानों द्वारा बनावटी नशों के सेवन से हो रही मौतों से लोग भी चिंतित हैं। मोगा के पूर्व एसएसपी राज जीत सिंह के खिलाफ केस संबंधी पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की गई है और रिपोर्ट अदालत में सौंपी जा चुकी है।
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज जीत सिंह अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करा रहा है, अब उसके देश से जाने का कोई खतरा नहीं है। पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ चल रहे आरोपों पर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष जांच टीम ने रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी है और मामला कोर्ट में है। एमएस स्वामीनाथन रिपोर्ट को पूरी तरह लागू करने की मांग को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बिना किसानों की समस्याओं का हल संभव नहीं है।
केंद्र सरकार की तरफ से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में किया गया विस्तार राजनीतिक ढकोसला के अलावा और कुछ नहीं। राज्य में गैंग्स्टरों की समस्या पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की तरफ से हर कीमत पर कानून की व्यवस्था को कायम रखा जायेगा। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी और सुंदर शाम अरोड़ा और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल भी उपस्थित थे।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नशे की तस्करी के पहले जुर्म में ही फांसी की सजा दिए जाने के प्रस्ताव का उद्देश्य इस बीमारी को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस को नशा तस्करों के बारे में सूचना मिलने के बढ़ रहे मामले और बड़ी संख्या में नौजवानों का इलाज और पुनर्वास केंद्रों में जाना, सिद्ध करता है कि नौजवानों द्वारा बनावटी नशों के सेवन से हो रही मौतों से लोग भी चिंतित हैं। मोगा के पूर्व एसएसपी राज जीत सिंह के खिलाफ केस संबंधी पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की गई है और रिपोर्ट अदालत में सौंपी जा चुकी है।
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज जीत सिंह अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करा रहा है, अब उसके देश से जाने का कोई खतरा नहीं है। पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ चल रहे आरोपों पर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष जांच टीम ने रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी है और मामला कोर्ट में है। एमएस स्वामीनाथन रिपोर्ट को पूरी तरह लागू करने की मांग को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बिना किसानों की समस्याओं का हल संभव नहीं है।
केंद्र सरकार की तरफ से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में किया गया विस्तार राजनीतिक ढकोसला के अलावा और कुछ नहीं। राज्य में गैंग्स्टरों की समस्या पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की तरफ से हर कीमत पर कानून की व्यवस्था को कायम रखा जायेगा। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी और सुंदर शाम अरोड़ा और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल भी उपस्थित थे।