पंजाब में महात्मा गांधी सरबत विकास योजना का शुभारंभ, सीएम ने दिया शांति अंहिसा का संदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांधी जयंती के मौके पर राज्य सरकार द्वारा एयरोसिटी स्थित किसान विकास चैंबर में एक समागम करवाया गया। समागम में राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्य मेहमान थे। उन्होंने गांधी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। वहीं, सीएम ने लोगों से गांधी जी के दिखाए गए शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलने का आग्रह किया।
इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी सरबत विकास योजना (एमजीएसवीवाई) के तहत लगाए गए कैंप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, पूर्व मंत्री जगमोहन सिंह कंग, सीनियर कांग्रेस नेता दीपइंदर सिंह ढिल्लों, एसीएस भवन निर्माण और शहरी विकास विनी महाजन, एसीएस पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास जी विज्रालिंगम, विशेष प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री गुरकिरत कृपाल सिंह, सचिव रोजगार उत्पत्ति राहुल तिवाड़ी, सचिव कृषि केएस. पन्नू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, डायरेक्टर खाद्य एवं सिविल सप्लाई आनंदिता मित्रा, डीसी मोहाली गुप्रीत कौर सपरा, एसएसपी मोहाली कुलदीप सिंह चहल मौजूद थे।
मंडेला भी गांधी जी के अनुयायी थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी दुनिया भर के संभवत: एकमात्र नेता थे, जिन्होंने आजादी के संघर्ष को अहिंसा की विचारधारा से जीता। यहां तक कि दक्षिणी अफ्रीका के नस्लीय भेदभाव के विरोधी क्रांतिकारी नेता नेल्सन मंडेला भी गांधी जी की विचारधारा के प्रशंसक और अनुयायी थे।
ऐसे मिलेगी गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि
एमजीएसवीवाई की महत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्कीम का मकसद राज्य में समाज के शोषित और सुविधाओं से वंचित वर्गों तक पहुंच कर विकास को यकीनी बनाना है। सामाजिक और आर्थिक विकास की सभी स्कीमों का लाभ गरीब से गरीब तक पहुंचे यही गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इन कैंपों में यह फायदा हुआ लोगों को
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने एक नोडल विभाग के तौर पर राज्य के सभी 22 जिलों में मेगा कैंप आयोजित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्कीम को शुरू करने का एक मात्र उद्देश्य यह यकीनी बनाना है कि सूबा सरकार की गरीब समर्थकी पहलकदमियों का लाभ सिर्फ समाज के वंचित वर्गों और हकदार लोगों को ही पहुँचे।
बायो मैराथन प्रोजेक्ट स्थापित होगा मोहाली में
मुख्यमंत्री की हाजिऱी में पराली के अवशेष को प्रभावी तरीकों से प्रयोग करने के लिए 15 करोड़ रुपए की लागत से लगने वाले एक प्रोजेक्ट के लिए इन्वैस्टमैंट पंजाब और महेन्द्रा वेस्ट -टू -एनर्जी सल्यूशंस लि. के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी किए गए। महेन्द्रा एंड महेन्द्रा की तरफ से पंजाब में बड़े स्तर पर शोध करने के बाद इस पायलट बायो -मैराथन प्रोजेक्ट को लगाने का फ़ैसला किया गया।
हर साल पराली/गेहूँ के अवशेष के 10 हजार टन की प्रोसेसिंग के द्वारा राज्य सरकार की मदद करने के लिए भी उत्सुकता जाहिर की है। इस पहलकदमी से 50-75 व्यक्तियों के लिए सीधा रोजग़ार पैदा होने और प्लांट के आस-पास के तकरीबन 1000 किसानों की सहायता होने की उम्मीद है।