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Chandigarh News: कुलदीप कुमार की पहली सदन की बैठक पर संकट के बादल, भाजपा की शिकायत पर निगम ने मांगी कानूनी राय
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चंडीगढ़। नवनिर्वाचित मेयर कुलदीप कुमार ने बुधवार को नगर निगम का बजट पास करने के लिए सदन की बैठक बुलाई थी लेकिन अब उस पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बैठक के खिलाफ भाजपा ने प्रशासन से शिकायत कर दी है। भाजपा ने कहा कि वित्त व अनुबंध समिति (एफएंडसीसी) के गठन से पहले सदन की बैठक नहीं बुलाई जा सकती। इस पर मंगलवार देर रात तक निगम के अधिकारी कानूनी राय लेते रहे। मेयर कुलदीप कुमार ने एक मार्च को ही आदेश जारी कर दिया था कि 6 मार्च को सदन की विशेष बैठक बुलाकर नगर निगम का वार्षिक बजट पास किया जाएगा। इसके बाद सदन की एक और बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आम आदमी पार्टी की ओर से नगर निगम चुनाव में किए गए 20,000 लीटर मुफ्त पानी और मुफ्त पार्किंग देने का वादा पूरा किया जाएगा। आम आदमी पार्टी ने इसकी पूरी तैयारी कर ली थी। दोनों एजेंडे तैयार कर लिए थे और सदन में लाने की तैयारी थी। 11 मार्च को भी एक बैठक रखी गई है, जिसका उद्देश्य एफ एंड सीसी का गठन करना है। इस बीच भाजपा ने मंगलवार को प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को लिखित में एक पत्र दिया कि नगर निगम के एक्ट के अनुसार मेयर बनने के बाद सबसे पहले एफ एंड सीसी का गठन करना होता है। उसके बाद ही सदन की बैठक बुलाई जा सकती है, इसलिए मेयर कुलदीप कुमार की ओर से बुलाई गई बैठकों पर रोक लगानी चाहिए। भाजपा के इस पत्र से निगम के अधिकारी पशोपेश में पड़ गए। आनन फानन में निगम ने कानूनी सलाह लेने का फैसला लिया और यूटी के स्टैंडिंग काउंसिल को मामला भेज दिया। देर रात तक मंथन चलता रहा कि क्या बुधवार को सदन की बैठक बुलाई जा सकती है या नहीं। हालांकि, माना जा रहा है कि यह बैठक रद्द हो सकती है।
आप का आरोप- मनोज सोनकर ने भी बुलाई थी बैठक
आम आदमी पार्टी के पार्षद योगेश ढींगरा ने कहा कि भाजपा जानबूझकर नगर निगम के बजट को लटकाना चाहती है। 30 जनवरी को धोखे से मेयर बने मनोज सोनकर ने सात फरवरी को बजट पास करने के लिए सदन की विशेष बैठक बुलाई थी। तब भाजपा के नेता कहां थे। क्या उन्होंने भी गलत किया था। कहा कि मेयर की कुर्सी जाने के बाद से भाजपा के नेता गठबंधन के मेयर को काम नहीं करने दे रहे हैं। पार्षद दमनप्रीत सिंह ने कहा कि भाजपा ऐसा कर नगर निगम के हजारों कर्मचारियों की सैलरी रोकना चाहती है। बजट पास करने में पहले ही काफी देरी हो चुकी है। इसे और लटकाया नहीं जा सकता। कहा कि एफएंडसीसी का गठन बजट की बैठक के दौरान ही कर लिया जाएगा। आम आदमी पार्टी को इसमें कोई समस्या नहीं है।
पहले मेयर चुनाव और अब आप-कांग्रेस और भाजपा की खींचतान के बीच फंसा
वार्षिक बजट पेश करने के लिए नगर निगम ने सात फरवरी को विशेष सदन की बैठक बुलाई थी लेकिन उससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक बैठक को स्थगित करने के आदेश दे दिए थे। इसके बाद नगर निगम ने बैठक रद्द कर दी। केंद्रीय बजट के बाद नगर निगम हर वर्ष फरवरी के पहले हफ्ते में अपना सालाना बजट पेश करता है। इस विशेष बैठक में नगर निगम की तरफ से पूरे साल के अपने खर्च और कमाई समेत अन्य की जानकारी दी जाती है। इसमें नगर निगम के राजस्व के भविष्य का रोड मैप भी तैयार होता है लेकिन इस बार बजट पहले मेयर चुनाव विवाद और फिर अब आप-कांग्रेस गठबंधन और भाजपा की खींचतान के बीच फंस कर रह गया है।
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सरकारी आवास में परिवार सहित शिफ्ट हुए मेयर
शहर के नए मेयर कुलदीप कुमार का पता अब बदल गया है। कुलदीप कुमार मेयर के आधिकारिक आवास सेक्टर-24 में परिवार सहित शिफ्ट हो गए हैं। कुलदीप का घर डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड के एकदम पास में है लेकिन मेयर बनने के बाद उन्होंने मेयर का आवास ले लिया। कुलदीप कुमार ने बताया कि बतौर पार्षद सिर्फ वार्ड के लोग मिलने आते थे लेकिन अब शहर के अलग-अलग इलाकों के लोगों का सुबह से ही आना शुरू हो जाता है। इसलिए डड्डूमाजरा का घर काफी छोटा पड़ रहा है। इसलिए उन्होंने सरकारी आवास लेने का फैसला किया। बताया कि सेक्टर-24 में काफी लोग एक साथ उनसे मिल सकते हैं। लोगों की सुविधा के लिए ही यह फैसला लिया है ताकि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों के काम करा सकें।
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आप का आरोप- मनोज सोनकर ने भी बुलाई थी बैठक
आम आदमी पार्टी के पार्षद योगेश ढींगरा ने कहा कि भाजपा जानबूझकर नगर निगम के बजट को लटकाना चाहती है। 30 जनवरी को धोखे से मेयर बने मनोज सोनकर ने सात फरवरी को बजट पास करने के लिए सदन की विशेष बैठक बुलाई थी। तब भाजपा के नेता कहां थे। क्या उन्होंने भी गलत किया था। कहा कि मेयर की कुर्सी जाने के बाद से भाजपा के नेता गठबंधन के मेयर को काम नहीं करने दे रहे हैं। पार्षद दमनप्रीत सिंह ने कहा कि भाजपा ऐसा कर नगर निगम के हजारों कर्मचारियों की सैलरी रोकना चाहती है। बजट पास करने में पहले ही काफी देरी हो चुकी है। इसे और लटकाया नहीं जा सकता। कहा कि एफएंडसीसी का गठन बजट की बैठक के दौरान ही कर लिया जाएगा। आम आदमी पार्टी को इसमें कोई समस्या नहीं है।
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पहले मेयर चुनाव और अब आप-कांग्रेस और भाजपा की खींचतान के बीच फंसा
वार्षिक बजट पेश करने के लिए नगर निगम ने सात फरवरी को विशेष सदन की बैठक बुलाई थी लेकिन उससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक बैठक को स्थगित करने के आदेश दे दिए थे। इसके बाद नगर निगम ने बैठक रद्द कर दी। केंद्रीय बजट के बाद नगर निगम हर वर्ष फरवरी के पहले हफ्ते में अपना सालाना बजट पेश करता है। इस विशेष बैठक में नगर निगम की तरफ से पूरे साल के अपने खर्च और कमाई समेत अन्य की जानकारी दी जाती है। इसमें नगर निगम के राजस्व के भविष्य का रोड मैप भी तैयार होता है लेकिन इस बार बजट पहले मेयर चुनाव विवाद और फिर अब आप-कांग्रेस गठबंधन और भाजपा की खींचतान के बीच फंस कर रह गया है।
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सरकारी आवास में परिवार सहित शिफ्ट हुए मेयर
शहर के नए मेयर कुलदीप कुमार का पता अब बदल गया है। कुलदीप कुमार मेयर के आधिकारिक आवास सेक्टर-24 में परिवार सहित शिफ्ट हो गए हैं। कुलदीप का घर डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड के एकदम पास में है लेकिन मेयर बनने के बाद उन्होंने मेयर का आवास ले लिया। कुलदीप कुमार ने बताया कि बतौर पार्षद सिर्फ वार्ड के लोग मिलने आते थे लेकिन अब शहर के अलग-अलग इलाकों के लोगों का सुबह से ही आना शुरू हो जाता है। इसलिए डड्डूमाजरा का घर काफी छोटा पड़ रहा है। इसलिए उन्होंने सरकारी आवास लेने का फैसला किया। बताया कि सेक्टर-24 में काफी लोग एक साथ उनसे मिल सकते हैं। लोगों की सुविधा के लिए ही यह फैसला लिया है ताकि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों के काम करा सकें।