फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Clouds of crisis on 800 MW Yamunanagar power plant

Haryana News: यमुनानगर में प्रस्तावित बिजली संयंत्र पर संकट के बादल, झारखंड में स्थापित करने का सुझाव

Fri, 30 Jun 2023 12:50 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 30 Jun 2023 12:50 AM IST
सार

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ट्वीट कर कहा कि फोर डी सरकार की एक और बड़े प्रोजेक्ट को हरियाणा से छीनने की साजिश! यमुनानगर के 800 मेगावाट पावर प्लांट को झारखंड लेकर जाने की तैयारी।

विज्ञापन
Clouds of crisis on 800 MW Yamunanagar power plant
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

यमुनानगर में स्थापित होने वाले 800 मेगावाट के कोयला आधारित बिजली संयंत्र पर संकट के बादल छा गए हैं। पिछले दिनों केंद्र व राज्य बिजली विभागों के बीच हुई बैठक में प्रस्ताव लाया गया कि बिजली संयत्र को हरियाणा की जगह झारखंड में लगाया जाए। हालांकि हरियाणा सरकार ने इस पर आपत्ति जताई है। 

विज्ञापन


राज्य सरकार का मानना है कि बिजली संयत्र से उसे हर साल 180 करोड़ रुपये की बचत होगी। सरकार इसके लिए मजबूती से तर्कसंगत एक रिपोर्ट तैयार कर रही है और जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष इस मुद्दे को उठाया जाएगा। वहीं, इस मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गई है।
विज्ञापन


सूत्रों ने बताया है कि पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में पिछले दिनों में हुई एक बैठक में बिजली संयत्र को लेकर मुद्दा उठा था। बैठक में पीएम मोदी ने सुझाव दिया था कि यमुनानगर में बनने वाले बिजली संयत्र को झारखंड में स्थापित किया जाए। हालांकि अभी यह कोई अंतिम फैसला नहीं है। हरियाणा सरकार ने इसे रोकने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य सरकार बिजली संयत्र को प्रदेश में रोकने की एक रिपोर्ट तैयार कर रही है। राज्य सरकार के मुताबिक झारखंड में स्थापित संयंत्र और राज्य में स्थापित संयंत्र में बिजली के उत्पादन में काफी अंतर होगा। सूत्रों ने कहा कि बिजली विभाग ने पाया है कि अगर प्लांट यमुनानगर में स्थापित किया जाता है तो सालाना 180 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी। इससे संयंत्र और परियोजना के पूरे जीवनकाल में 4,500 करोड़ रुपये की बचत होगी। प्रस्तावित परियोजना के लिए निविदा इस साल जनवरी में जारी की गई थी और दिसंबर 2023 तक काम आवंटित होने की संभावना है। इन सभी तकों को लेकर हरियाणा सरकार बहुत जल्द प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष मुद्दा उठाएगी। हालांकि सरकार की ओर से फिलहाल कोई बयान नहीं आया है।

विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू किया

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ट्वीट कर कहा कि फोर डी सरकार की एक और बड़े प्रोजेक्ट को हरियाणा से छीनने की साजिश! यमुनानगर के 800 मेगावाट पावर प्लांट को झारखंड लेकर जाने की तैयारी। एक के बाद एक एयरपोर्ट, विश्वविद्यालय, पावर प्रोजेक्ट और फैक्ट्रियां हरियाणा से छीनी जा रही हैं। सरकार के सौतेले व्यवहार के कारण कल का नंबर वन हरियाणा अब हर क्षेत्र में पिछड़ेपन से ग्रस्त है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed