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सफाई कर्मचारियों को मासिक धर्म के बारे में किया जागरूक
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के सोशल वर्क विभाग की पूर्व छात्रा इशिता चौधरी ने छात्रावासों के साथ मिलकर सफाई कर्मियों को मासिक धर्म के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला माता गुजरी हॉल गर्ल्स हॉस्टल-1 और लक्ष्मी बाई हॉल गर्ल्स हॉस्टल-2 के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यक्रम की मेजबानी वार्डन डॉ. स्मिता शर्मा और डॉ. हरजीत कौर ने की।
गर्ल्स हॉस्टल नंबर- 2 की वार्डन हरजीत कौर ने बताया कि मासिक धर्म के बारे में संवाद को आज भी अलग अलग धारणाओं, धार्मिक और सांस्कृतिक से जोड़कर देखा जाता है। इसे बुरी आत्माओं, शर्म, अशुद्धता और शर्मिंदगी भरी नजर से देखते हैं। इसके कारण महिलाएं अपनी बीमारियों को लेकर खुल के बोल नहीं पाती। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इन सभी धारणाओं और कलंक के बारे में बात करने की आवश्यकता है। महिलाएं मासिक धर्म और इससे जुड़ी बीमारियों के सही ज्ञान, जागरूकता और समझ से दूर हैं, ये उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और उनकी पीड़ा का कारण बनता है। इसके साथ ही मासिक धर्म कचरे का सही निपटान भी एक चुनौती है। छात्रा इशिता ने मासिक धर्म और प्रजनन स्वास्थ्य के मुद्दे परस्पर जुड़े हुए है। सफाईकर्मी महिलाओं को छात्रावासों में लगे सैनिटरी पैड इंसीनरेटर की कार्यप्रणाली के बारे में समझाया गया।
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गर्ल्स हॉस्टल नंबर- 2 की वार्डन हरजीत कौर ने बताया कि मासिक धर्म के बारे में संवाद को आज भी अलग अलग धारणाओं, धार्मिक और सांस्कृतिक से जोड़कर देखा जाता है। इसे बुरी आत्माओं, शर्म, अशुद्धता और शर्मिंदगी भरी नजर से देखते हैं। इसके कारण महिलाएं अपनी बीमारियों को लेकर खुल के बोल नहीं पाती। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इन सभी धारणाओं और कलंक के बारे में बात करने की आवश्यकता है। महिलाएं मासिक धर्म और इससे जुड़ी बीमारियों के सही ज्ञान, जागरूकता और समझ से दूर हैं, ये उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और उनकी पीड़ा का कारण बनता है। इसके साथ ही मासिक धर्म कचरे का सही निपटान भी एक चुनौती है। छात्रा इशिता ने मासिक धर्म और प्रजनन स्वास्थ्य के मुद्दे परस्पर जुड़े हुए है। सफाईकर्मी महिलाओं को छात्रावासों में लगे सैनिटरी पैड इंसीनरेटर की कार्यप्रणाली के बारे में समझाया गया।
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