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दीपावलीः चंडीगढ़ में सजा दीयों का बाजार, 60 से अधिक वैराइटियां, बच्चों की मोमबत्तियां हैं खास
Tue, 22 Oct 2019 10:51 AM IST
खुशबू गोयल
संजीव पंगोत्रा/मोनिका नागर/अमर उजाला, फरीदकोट
संजीव पंगोत्रा/मोनिका नागर/अमर उजाला, फरीदकोट
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 22 Oct 2019 10:51 AM IST
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दीयों का बाजार
- फोटो : अमर उजाला
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दीयों के बिना दीपावली अधूरी है। दीयों से न सिर्फ दिवाली रोशन होती है बल्कि उनकी रोशनी से मन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हर कोई दीवाली पर लोग दीये खरीदते हैं। कोई कम तो कोई ज्यादा। कोई स्टाइलिश दीयों पर ही फिदा होता है तो कोई पारंपरिक सामान्य दीये खरीदता है। हर साल की तरह इस बार भी दीयों का बाजार सज चुका है।
इस बार बाजार में दीयों की कई वैराइटी मौजूद हैं। गोबर के दीयों की भी इस बार काफी डिमांड है। उसका अपना एक अलग महत्व है। कौन से दीया, आप किस बाजार से खरीद सकते हैं। उसकी कीमत क्या है? गोबर के दीये कहां से मिलेंगे। ब्लाइंड इंस्टीट्यूट के बच्चों के दीये कहां से आप ले सकते हैं। इन सबकी जानकारी के लिए पेश है विशेष रिपोर्ट।
सेक्टर-25 की कुम्हार कालोनी से आधे रेट में खरीदें दीये
यदि आप बड़ी संख्या में दीये खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सेक्टर 25 की कुम्हार कालोनी में जाना होगा। यहां पर आपको बाजार के मुकाबले आधे रेट पर दीये मिल जाएंगे। इस इलाके में कम से कम 50 ऐसे घर हैं, जहां पर दीये, प्लेट, रतन दीपक बनाए जा रहे हैं।
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कुम्हार कालोनी के कुम्हार अमन ने बताया कि दीपावली की तैयारियों में वह पिछले चार महीने से जुटे हैं। एक सीजन में वह करीब दो लाख से ज्यादा दीये बेचते हैं। कुछ साल पहले काम बहुत कम था, लेकिन अब काम बढ़ गया है। एक बार फिर लोगों की मिट्टी के दीये खरीदने में दिलचस्पी जागी है। पहले सीजन में सिर्फ 50-60 हजार ही दीए बेच पाते थे।
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इस बार बाजार में दीयों की कई वैराइटी मौजूद हैं। गोबर के दीयों की भी इस बार काफी डिमांड है। उसका अपना एक अलग महत्व है। कौन से दीया, आप किस बाजार से खरीद सकते हैं। उसकी कीमत क्या है? गोबर के दीये कहां से मिलेंगे। ब्लाइंड इंस्टीट्यूट के बच्चों के दीये कहां से आप ले सकते हैं। इन सबकी जानकारी के लिए पेश है विशेष रिपोर्ट।
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सेक्टर-25 की कुम्हार कालोनी से आधे रेट में खरीदें दीये
यदि आप बड़ी संख्या में दीये खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सेक्टर 25 की कुम्हार कालोनी में जाना होगा। यहां पर आपको बाजार के मुकाबले आधे रेट पर दीये मिल जाएंगे। इस इलाके में कम से कम 50 ऐसे घर हैं, जहां पर दीये, प्लेट, रतन दीपक बनाए जा रहे हैं।
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कुम्हार कालोनी के कुम्हार अमन ने बताया कि दीपावली की तैयारियों में वह पिछले चार महीने से जुटे हैं। एक सीजन में वह करीब दो लाख से ज्यादा दीये बेचते हैं। कुछ साल पहले काम बहुत कम था, लेकिन अब काम बढ़ गया है। एक बार फिर लोगों की मिट्टी के दीये खरीदने में दिलचस्पी जागी है। पहले सीजन में सिर्फ 50-60 हजार ही दीए बेच पाते थे।
इन मार्केट से खरीद सकते हैं फैंसी दीये
यदि आप कुछ फैंसी दीये खरीदना चाहते हैं तो आपको सेक्टर-24, 40 और 29 में जाना होगा। यहां पर मिट्टी के दीयों की काफी वैराइटी है। इन मार्केट में 10 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की कीमत का दीया मिल रहा है। सेक्टर-24 में मिट्टी के दीये व सामान बेचने वाले कविंद्र ने बताया कि उनके यहां पर 60 तरह के दीये उपलब्ध हैं, जो देखने में काफी सुंदर हैं। अलग-अलग तरह के रंग हैं। छोटे से लेकर बड़े दीये तक उपलब्ध हैं। यहां पर मिलने वाला रतन दीपक का अपना अलग ही महत्व है। इसमें एक साथ 20 से ज्यादा दीये जला सकते हैं। इसकी कीमत 300 से लेकर 400 रुपये तक है।
ब्लाइंड इंस्टीट्यूट से खरीदिए तैरने वाले दीपक
हर वर्ष की तरह इस बार भी सेक्टर-26 स्थित ब्लाइंड इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स मोमबत्ती और दीये तैयार कर रहे हैं। स्कूल की पढ़ाई खत्म होने के बाद बच्चे विभिन्न डिजाइन की आकर्षक मोमबत्तियां और कमल के फूल के डिजाइन में दीपक और सांचे वाले छोटे तैरने वाले दीये बना रहे हैं।
ब्लाइंड स्कूल के प्रिंसिपल जगन्नाथ सिंह ज्यारा ने कहा कि उन्हें अपने स्कूल के बच्चों पर गर्व है, जो दीपावली के शुभ अवसर पर अपना योगदान दे रहे हैं। यहां पर मोमबत्तियों की काफी वैराइटी हैं। मिक्की माउस, कैट, बुद्धा और डॉलफिन शेप की मोमबत्तियां भी हैं, जो बच्चों को काफी पसंद आएंगी। यदि कोई इन्हें खरीदना चाहता है तो उसे सेक्टर-26 स्थित ब्लाइंड इंस्टीट्यूट जाना पड़ेगा। ये सामान यहीं मिलेगा और कहीं नहीं।
ब्लाइंड इंस्टीट्यूट से खरीदिए तैरने वाले दीपक
हर वर्ष की तरह इस बार भी सेक्टर-26 स्थित ब्लाइंड इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स मोमबत्ती और दीये तैयार कर रहे हैं। स्कूल की पढ़ाई खत्म होने के बाद बच्चे विभिन्न डिजाइन की आकर्षक मोमबत्तियां और कमल के फूल के डिजाइन में दीपक और सांचे वाले छोटे तैरने वाले दीये बना रहे हैं।
ब्लाइंड स्कूल के प्रिंसिपल जगन्नाथ सिंह ज्यारा ने कहा कि उन्हें अपने स्कूल के बच्चों पर गर्व है, जो दीपावली के शुभ अवसर पर अपना योगदान दे रहे हैं। यहां पर मोमबत्तियों की काफी वैराइटी हैं। मिक्की माउस, कैट, बुद्धा और डॉलफिन शेप की मोमबत्तियां भी हैं, जो बच्चों को काफी पसंद आएंगी। यदि कोई इन्हें खरीदना चाहता है तो उसे सेक्टर-26 स्थित ब्लाइंड इंस्टीट्यूट जाना पड़ेगा। ये सामान यहीं मिलेगा और कहीं नहीं।
गोबर के दीये दीवाली के बाद भी काम में आएंगे
गौरी शंकर सेवा दल के प्रधान रमेश कुमार ने बताया कि गोबर के दीये बनाते समय में उसमें हवन की सामग्री भी डाली जा रही है। यह दीये दीपावली के बाद भी काम में आएंगे। गमलों में डालने पर ये खाद का काम करेंगे। ये दीये ईको फ्रेंडली हैं। इससे पर्यावरण को कोई नुकसान भी नहीं होगा। यदि कोई इन दीयों को लेना चाहता है तो उसे गोशाला ही आना पड़ेगा। यहां पर मुफ्त में दीये दिए जाएंगे।
पुराने दीयों को चमकाया, बेचकर गरीब बच्चों की करेंगे मदद
स्वरमनी फाउंडेशन के सदस्यों ने पिछले साल दीपावली के दूसरे दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों जाकर उपयोग में लाए दीयों को इकट्ठा किया। उसके बाद दीयों को साफ कर उन्हें पेंट कर चमका दिया है। अब इन दीयों को बेचकर उससे मिलने वाले पैसे से गरीब बच्चों की पढ़ाई पर खर्च किया जाएगा।
फाउंडेशन के फाउंडर रोहित ने बताया कि उन्होंने 30 हजार से ज्यादा दीये तैयार किए हैं। छोटे-छोटे पैकेट तैयार उन्हें मार्केट में बेचेंगे। इन दीयों को तैयार करने में प्रदीप सिंह, राहुल कुमार, गुरप्रीत सिंह, प्रदीप कुमार, मोहम्मद अमजद, गोल्डी, रेहान, सतीश कुमार का सहयोग रहा है।
पुराने दीयों को चमकाया, बेचकर गरीब बच्चों की करेंगे मदद
स्वरमनी फाउंडेशन के सदस्यों ने पिछले साल दीपावली के दूसरे दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों जाकर उपयोग में लाए दीयों को इकट्ठा किया। उसके बाद दीयों को साफ कर उन्हें पेंट कर चमका दिया है। अब इन दीयों को बेचकर उससे मिलने वाले पैसे से गरीब बच्चों की पढ़ाई पर खर्च किया जाएगा।
फाउंडेशन के फाउंडर रोहित ने बताया कि उन्होंने 30 हजार से ज्यादा दीये तैयार किए हैं। छोटे-छोटे पैकेट तैयार उन्हें मार्केट में बेचेंगे। इन दीयों को तैयार करने में प्रदीप सिंह, राहुल कुमार, गुरप्रीत सिंह, प्रदीप कुमार, मोहम्मद अमजद, गोल्डी, रेहान, सतीश कुमार का सहयोग रहा है।
ये है दीये की कीमत
सामान्य दीया - दस रुपये में 12
फैंसी दीया - दस रुपये में एक
सामान्य बड़ा दीया : दस रुपये में एक
स्टैंड दीया - 20 रुपये में एक
बड़ा फैंसी दीया : 40 रुपये में एक
जोत दीया : 120 रुपये में एक
दीया प्लेट : 70 रुपये मे सात
मंदिर दीया : 200 रुपये में एक
हंस प्लेट : 100 रुपये में नौ दीये
रतन दीपक : 300 रुपये में एक
फैंसी दीया - दस रुपये में एक
सामान्य बड़ा दीया : दस रुपये में एक
स्टैंड दीया - 20 रुपये में एक
बड़ा फैंसी दीया : 40 रुपये में एक
जोत दीया : 120 रुपये में एक
दीया प्लेट : 70 रुपये मे सात
मंदिर दीया : 200 रुपये में एक
हंस प्लेट : 100 रुपये में नौ दीये
रतन दीपक : 300 रुपये में एक