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बग्गी परियोजना में हिमाचल प्रदेश को मुफ्त बिजली दिए जाने पर विवाद, बोर्ड सदस्यों को जताया रोष
Fri, 20 Mar 2020 12:28 PM IST
खुशबू गोयल
प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 20 Mar 2020 12:28 PM IST
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फाइल फोटो
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हिमाचल प्रदेश में स्थित बग्गी पन विद्युत परियोजना में से हिमाचल प्रदेश को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली दिए जाने पर विवाद हो गया है। बीबीएमबी के एक सदस्य ने खुलकर इसका विरोध किया है। बीबीएमबी भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की दिल्ली में हुई बैठक में बोर्ड के सदस्य डॉ. गुलाब सिंह नरवाल ने मुफ्त बिजली दिए जाने का विरोध किया है। जबकि हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह पहले ही इस मामले को लेकर डीओ लेटर (सरकारी आदेश) लिख चुके हैं। अब डॉ. नरवाल के विरोध के बाद मामला विवादों में आ गया है।
भविष्य में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक पांच मार्च को नौ सदस्यीय बोर्ड की यह बैठक दिल्ली में हुई थी। जिसमें पांच सदस्य मौजूद थे। इस बैठक में मंजूरी दी गई है कि हिमाचल को 13 प्रतिशत बिजली मुफ्त दी जाए। सूत्रों के मुताबिक डॉ. नरवाल ने इस बारे में लंबा चौड़ा पत्र लिखा है। इस पत्र में 13 प्रतिशत बिजली इस परियोजना के तहत मुफ्त देने पर एतराज जताया है। दरअसल, पूरा मामला यह है कि हिमाचल में बग्गी में 40 मेगावाट पावर हाउस के लिए ढांचा तैयार है।
यहां पावर हाउस बनना है। जिसके लिए टरबाइन और जनरेटर आदि लगने हैं। यह करीब 300 करोड़ का प्रोजेक्ट है। यह राशि इससे ऊपर भी जा सकती है। जिसके लिए हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान को तय अनुपात के हिसाब से राशि देनी है। करीब 40 साल से हिमाचल को मुफ्त बिजली दिए जाने का यह फैसला अटका हुआ है। बाकी तीनों राज्य इस हक में नहीं है कि यह बिजली मुफ्त दी जाए। ऐसे में बोर्ड के एक सदस्य के विरोध के चलते मामले ने तूल पकड़ लिया है।
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इस विषय को लेकर हरियाणा सरकार के एसीएस देवेंद्र सिंह भी डीओ लिख चुके हैं। मैने इस मामले की भनक लगते ही बोर्ड की बैठक से पहले ही नोट लिखकर आक्रोश जता दिया है। मैने पूरी तरह से इस मामले का विरोध किया है।
- डॉ. गुलाब सिंह नरवाल, सदस्य बीबीएमबी
इसको लेकर कोई विरोध नहीं है। वैसे भी जब तक बोर्ड की बैठक के मिनटस नहीं हो जाते तब तक इस विषय को लेकर कोई कमेंट नहीं किया जा सकता है।
- डीके शर्मा चेयरमैन बीबीएमबी
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भविष्य में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक पांच मार्च को नौ सदस्यीय बोर्ड की यह बैठक दिल्ली में हुई थी। जिसमें पांच सदस्य मौजूद थे। इस बैठक में मंजूरी दी गई है कि हिमाचल को 13 प्रतिशत बिजली मुफ्त दी जाए। सूत्रों के मुताबिक डॉ. नरवाल ने इस बारे में लंबा चौड़ा पत्र लिखा है। इस पत्र में 13 प्रतिशत बिजली इस परियोजना के तहत मुफ्त देने पर एतराज जताया है। दरअसल, पूरा मामला यह है कि हिमाचल में बग्गी में 40 मेगावाट पावर हाउस के लिए ढांचा तैयार है।
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यहां पावर हाउस बनना है। जिसके लिए टरबाइन और जनरेटर आदि लगने हैं। यह करीब 300 करोड़ का प्रोजेक्ट है। यह राशि इससे ऊपर भी जा सकती है। जिसके लिए हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान को तय अनुपात के हिसाब से राशि देनी है। करीब 40 साल से हिमाचल को मुफ्त बिजली दिए जाने का यह फैसला अटका हुआ है। बाकी तीनों राज्य इस हक में नहीं है कि यह बिजली मुफ्त दी जाए। ऐसे में बोर्ड के एक सदस्य के विरोध के चलते मामले ने तूल पकड़ लिया है।
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इस विषय को लेकर हरियाणा सरकार के एसीएस देवेंद्र सिंह भी डीओ लिख चुके हैं। मैने इस मामले की भनक लगते ही बोर्ड की बैठक से पहले ही नोट लिखकर आक्रोश जता दिया है। मैने पूरी तरह से इस मामले का विरोध किया है।
- डॉ. गुलाब सिंह नरवाल, सदस्य बीबीएमबी
इसको लेकर कोई विरोध नहीं है। वैसे भी जब तक बोर्ड की बैठक के मिनटस नहीं हो जाते तब तक इस विषय को लेकर कोई कमेंट नहीं किया जा सकता है।
- डीके शर्मा चेयरमैन बीबीएमबी