फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Clash May be in between sgpc and punjab government due to permission to womens for kirtan

महिलाओं को कीर्तन की अनुमति से एसजीपीसी और सरकार में टकराव की संभावना बढ़ी, जानिए कैसे

Fri, 08 Nov 2019 12:04 PM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 08 Nov 2019 12:04 PM IST
विज्ञापन
Clash May be in between sgpc and punjab government due to permission to womens for kirtan
श्री हरमंदिर साहिब
पंजाब विधानसभा में श्री हरमंदिर साहिब में महिलाओं को कीर्तन करने की अनुमति देने के पारित प्रस्ताव से एक बार फिर एसजीपीसी और पंजाब सरकार के बीच टकराव के आसार बन गए हैं। एसजीपीसी की पूर्व महासचिव बीबी किरणजोत कौर की माने तो पंजाब सरकार सिख धर्म में दखल देकर टकराव का रास्ता बना रही है। बीबियों को श्री हरमंदिर साहिब में कीर्तन की अनुमति देने का अधिकार एसजीपीसी के पास है। सरकार को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए।
विज्ञापन


पंजाब विधानसभा द्वारा पारित यह प्रस्ताव तुरंत वापस लिया जाए। 2003 में एसजीपीसी के तत्कालीन अध्यक्ष प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर ने बीबियों को श्री हरमंदिर साहिब में कीर्तन करने की अनुमति देने की उठी मांग के बाद एक सब-कमेटी का गठन किया था। साथ ही इस कमेटी को इस बात के निर्देश दिए गए थे कि वह अपनी रिपोर्ट में बीबियों को कीर्तन की अनुमति न देने के बारे में लिखें।
विज्ञापन


इस सब-कमेटी में शामिल एसजीपीसी सदस्यों ने इस फरमान को मानने से इंकार कर कोई भी रिपोर्ट नहीं दी। एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर के कार्यकाल के दौरान भी यह मुद्दा उठा था, लेकिन वैचारिक मतभेद होने के कारण इस पर अमल नहीं हो सका था। पंजाब सरकार द्वारा इस विषय पर प्रस्ताव पारित कर एक बार फिर इस मुद्दे को हवा दी गई है। वहीं पंजाब सरकार के इस मुद्दे पर एसजीपीसी का रुख प्रकाश पर्व के बाद ही स्पष्ट होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाब सरकार ने श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी का प्रसारण सभी रेडियो स्टेशन और चैनलों पर करने का प्रस्ताव पारित किया है। 1980 में एसजीपीसी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से गुरबाणी का प्रसारण जालंधर रेडियो से करने का आग्रह किया था। पूर्व प्रधानमंत्री ने सिखों की इस मांग को स्वीकार नहीं किया था। 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद जालंधर रेडियो से गुरबाणी का प्रसारण शुरू करवाया गया था।


बीबी किरणजोत कौर ने बताया कि जब एसजीपीसी ने केंद्र की कांग्रेस सरकार से गुरबाणी के रेडियो प्रसारण की मांग की थी, तब तो इस बात को स्वीकार नहीं किया गया था। अब कैप्टन सरकार जानबूझ कर सिखों के धार्मिक मामले में दखल दे रही है। उन्होंने कहा कि गुरबाणी रिले का अधिकार भी एसजीपीसी के पास है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed