फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Clash in gmada and railway for water in chandigarh

चंडीगढ़ः गमाडा और रेलवे में ठनी, अतिरिक्त पानी पर संकट, निगम कमिश्नर ने गवर्नर को लिखा पत्र

Fri, 31 May 2019 11:00 AM IST
खुशबू गोयल नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 31 May 2019 11:00 AM IST
विज्ञापन
Clash in gmada and railway for water in chandigarh
गर्मी में प्यास बुझाता युवक - फोटो : अमर उजाला
कजौली वाटर वर्क्स से इस बार भी चंडीगढ़ को पानी मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। टेस्टिंग के दौरान रेलवे पुल के नीचे पाइप लाइन फटने के बाद अब गमाडा और रेलवे आमने-सामने आ गए हैं। दोनों ही एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। ऐसे में पानी आने में देरी तय है। इससे गर्मी के मौसम में पानी की समस्या आ रही है। अब मामले में नगर निगम ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से गुहार लगाई है और गमाडा व रेलवे के अधिकारियों को एक साथ बैठाकर समस्या का निराकरण कराने की मांग की है।
विज्ञापन


शहर से लगभग 23 किमी दूर कजौली वॉटर वर्क्स के फेज पांच, छह, सात और आठ के लिए पानी की लाइन बिछाई गई है। इससे चंडीगढ़, चंडी मंदिर आर्मी एरिया, पंचकूला और मोहाली को पानी मिलना है। चंडीगढ़ में यह पाइप लाइन सेक्टर-39 में आती है। जहां से मई माह में (29 एमजीडी) 1319.5 लाख लीटर अतिरिक्त पानी आना था। काम पूरा होने के बाद टेस्टिंग के लिए कजौली से पानी छोड़ा गया था। लो प्रेशर पानी होने के बावजूद मोरिंडा ओवर ब्रिज के निकट रेलवे लाइन और गांव मंडौली में रेलवे लाइन के नीचे बिछी पाइप लाइन टूट गई।
विज्ञापन


उसके बाद से गमाडा और रेलवे एक दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगाते रहे। कई बार कहने के बावजूद रेलवे ने लाइन को ठीक नहीं किया गया। निगम ने दोनों की सहमति का इंतजार किया, लेकिन जब समस्या बढ़ी तो गमाडा व रेलवे के अधिकारियों संग एक बैठक कर मामले के निराकरण की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसको कितना पानी मिलेगा

शहर    एमजीडी
चंडीगढ़    14.5
मोहाली    02.5
चंडीमंदिर     01.5
पंचकूला    01.5

गर्मियों में हर साल बढ़ जाती है समस्या
सेक्टर-39 वॉटर वर्क्स से शहर के सेक्टर-12, 26, 32, 37, 52 और मनीमाजरा के दो वॉटर वर्क्स को पानी सप्लाई होता है। वहां से संबंधित वॉटर वर्क्स से जुड़े एरिया के लगभग 1 लाख 56 हजार लोगों तक पानी पहुंचता है। वर्तमान में नगर निगम शहर को 85 एमजीडी पानी सप्लाई कर रहा है। जबकि गर्मियों में इसका डिमांड 115 एमजीडी तक पहुंच जाती है। कजौली वाटर वर्क्स से 29 एमजीडी अतिरिक्त पानी आने की उम्मीद से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली थी, लेकिन अब तक पानी नहीं मिला। हालांकि समस्या बढ़ने के बाद नेता व अधिकारी हर साल अतिरिक्त पानी लाने का लॉलीपाप पकड़ा देते हैं।

पाइप लाइन बिछाने में खर्च हुए 200 करोड़ रुपये

कजौली से चंडीगढ़ की दूरी 26 किलोमीटर है, जबकि जंडपुर से सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स की दूरी छह किलोमीटर है। कजौली से जंडपुर तक गमाडा ने पाइप लाइन बिछाई है, जबकि जंडपुर से लेकर सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स तक चंडीगढ़ नगर निगम ने पाइप लाइन डाली है। पंप हाउस, पाइप लाइन, जंडपुर में जमीन खरीदने और पाइपलाइन बिछाने पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

जंडपुर में चार एमजीडी क्षमता का टैंक बनाया गया है। सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स में दो-दो एमजीडी क्षमता की दो अंडरग्राउंड टैंक बनाए गए हैं। इन अंडरग्राउंड टैंक में ट्रीट किया पानी स्टोर किया जाएगा। इसके साथ ही यहां पर छह एमजीडी क्षमता वाले एक ओपन टैंक का भी निर्माण किया गया। इस टैंक में रॉ वाटर स्टोर किया जाएगा।

पहली टेस्टिंग में ही टूटी पाइप लाइन
लगभग चार सालों से पेयजल का इंतजार कर रहे चंडीगढ़ के लोगों को मई माह में पूरी उम्मीद थी कि अब पेयजल की समस्या नहीं होगी। निगम ने भी लोगों तक पानी पहुंचाने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन पहली टेस्टिंग में लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। अभी पानी आगे तक पहुंचा ही नहीं है, बल्कि मोरिंडा ओवर ब्रिज के निकट व मंडौली गांव में रेलवे लाइन के नीचे टूट गई। अब इसके आगे पानी आएगा तो अन्य जगह भी यह समस्या आ सकती है। सत्ता बदली, नेता बदले, लेकिन शहर को अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीदें हमेशा की तरह दम तोड़ती रही हैं।

निगम घाटा पूरा करने को बढ़ा सकता है पानी के रेट

इस समय नगर निगम पहले चार फेज से जो पानी लेकर लोगों तक पहुंचा रहा है, उससे नगर निगम को हर साल 70 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। ऐसे में पांचवें और छठे फेज से जब पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी, तो 30 करोड़ रुपये का घाटा और बढ़ जाएगा। ऐसे में इस घाटे को पूरा करने के लिए नगर निगम पानी के रेट भी बढ़ा सकता है।

हमें इंतजार था कि गमाडा और रेलवे आपस में सुलह कर जल्द पाइप लाइन जोड़ लेंगे। पाइप लाइन के न जुड़ने से शहर में पानी की समस्या समस्या बढ़ रही है। गवर्नर को पत्र लिखा है। दोनों विभागों संग बैठक कर मामले को सुलझाने की अपील की है।
- केके यादव, नगर निगम कमिश्नर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed