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राष्ट्रमंडल तलवारबाजी चैंपियनशिप में शहर की बेटी काश्वी गर्ग ने जीता रजत पदक
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चंडीगढ़। इंग्लैंड में आयोजित राष्ट्रमंडल तलवारबाजी (फेंसिंग) चैंपियनशिप में शहर की बेटी काश्वी गर्ग ने रजत पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। बुधवार को काश्वी गर्ग ने टीम की सदस्यों के साथ मिली एपी इवेंट में रजत पदक हासिल किया। 9 अगस्त से शुरू हो चुकी चैंपियनशिप 20 को संपन्न होगी। इसे कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के तत्वावधान में कॉमनवेल्थ फेंसिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित किया गया है। पदक हासिल करने पर काश्वी के पिता डॉ. मनदीप गर्ग, कोच चरणजीत कौर के साथ चंडीगढ़ तलवारबाजी एसोसिएशन के प्रधान संदीप पासी, जनरल सेक्रेटरी मनीष ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास था कि काश्वी मेडल जरूर लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि बेटी ने देश और हमें गौरान्वित किया है।
ऐसे रहा पदक तक का सफर
चैंपियनशिप में 35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक खिलाड़ी तलवारबाजी के विभिन्न इवेंट में शिरकत कर रहे हैं। भारतीय जूनियर महिला एपी तलवारबाजी टीम में चंडीगढ़ की काश्वी गर्ग, हरियाणा की तनिक्षा खत्री, महाराष्ट्र की ज्ञानेश्वरी शिंदे और मध्य प्रदेश की प्रज्ञा सिंह शामिल रहीं। भारतीय टीम फाइनल में गत चैंपियन इंग्लैंड से हार गई और उसे सिल्वर मेडल हासिल हुआ। फाइनल तक पहुंचने के सफर में भारतीय महिला टीम ने क्वार्टर फाइनल में न्यूजीलैंड को 45-40 से हराया और फिर सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 45-40 से मात दी।
मेडल मिलते लाइव देखा मुकाबला
काश्वी गर्ग सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं में पढ़ती हैं। वह मेडिकल स्ट्रीम में पढ़ाई कर रही हैं। इनके पिता डॉ. मनदीप गर्ग पीजीआई में वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट जबकि मां डॉ. सुरुचि गर्ग शहर में त्वचा रोग विशेषज्ञ हैं। दोनों ने कहा कि मुकाबला लाइव देखना हमारे लिए बहुत गर्व और मंत्रमुग्ध करने वाला क्षण था। जब हमने अपनी बेटी को लंदन में कॉमनवेल्थ पोडियम पर पदक लेते समय भारतीय ध्वज को पकड़े हुए देखा तो असीम खुशी हुई।
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ऐसे रहा पदक तक का सफर
चैंपियनशिप में 35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक खिलाड़ी तलवारबाजी के विभिन्न इवेंट में शिरकत कर रहे हैं। भारतीय जूनियर महिला एपी तलवारबाजी टीम में चंडीगढ़ की काश्वी गर्ग, हरियाणा की तनिक्षा खत्री, महाराष्ट्र की ज्ञानेश्वरी शिंदे और मध्य प्रदेश की प्रज्ञा सिंह शामिल रहीं। भारतीय टीम फाइनल में गत चैंपियन इंग्लैंड से हार गई और उसे सिल्वर मेडल हासिल हुआ। फाइनल तक पहुंचने के सफर में भारतीय महिला टीम ने क्वार्टर फाइनल में न्यूजीलैंड को 45-40 से हराया और फिर सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 45-40 से मात दी।
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मेडल मिलते लाइव देखा मुकाबला
काश्वी गर्ग सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं में पढ़ती हैं। वह मेडिकल स्ट्रीम में पढ़ाई कर रही हैं। इनके पिता डॉ. मनदीप गर्ग पीजीआई में वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट जबकि मां डॉ. सुरुचि गर्ग शहर में त्वचा रोग विशेषज्ञ हैं। दोनों ने कहा कि मुकाबला लाइव देखना हमारे लिए बहुत गर्व और मंत्रमुग्ध करने वाला क्षण था। जब हमने अपनी बेटी को लंदन में कॉमनवेल्थ पोडियम पर पदक लेते समय भारतीय ध्वज को पकड़े हुए देखा तो असीम खुशी हुई।
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