बढ़ा बोझ: चंडीगढ़ में अब पांच प्रतिशत बढ़कर आया कूड़े का शुल्क, अधिसूचना के अनुसार हर साल होगी बढ़ोतरी
निगम सदन की बैठक में शहर में कूड़ा लेने के शुल्क तय होने के बाद से 18 मार्च 2019 को प्रशासन की ओर से अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें आवासीय, व्यावसायिक, होटल, इंडस्ट्रीज, धर्मशालाओं के अलग-अलग शुल्क रखे गए थे।
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चंडीगढ़ नगर निगम को कूड़ा देने के लिए अब लोगों को अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। इस बार के कूड़े के बिलों में पांच प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगकर आएगा। अधिसूचना के अनुसार हर साल कूड़े पर शुल्क बढ़ना है। अचानक बिलों में बढ़े हुए कूड़े का शुल्क को देखकर लोग निगम के दफ्तर पहुंचने लगे। वहां अधिसूचना की कॉपी दिखाई तो पता चला कि उन्हें हर साल कूड़ा देने के लिए शुल्क बढ़ाकर देना होगा।
निगम सदन की बैठक में शहर में कूड़ा लेने के शुल्क तय होने के बाद से 18 मार्च 2019 को प्रशासन की ओर से अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें आवासीय, व्यावसायिक, होटल, इंडस्ट्रीज, धर्मशालाओं के अलग-अलग शुल्क रखे गए थे। वहीं, गांवों में भी कूड़ा लेने के लिए शुल्क तय हुए थे। इस दौरान अधिसूचना में तय किया गया कि हर साल 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। एक साल बीतने के बाद मार्च और अप्रैल माह के बिलों में पांच प्रतिशत शुल्क बढ़ाकर बिल दिया गया है।
पानी और कूड़े के बिलों को लेकर पहले ही चल रहा है बवाल
शहरवासी लगातार बढ़े हुए पानी के बिलों और कूड़े को दामों को लेकर बवाल करते रहे हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को लगातार उठाता रहा है। सदन की बैठक में इन मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने ही भाजपा पर निशाना साधा था क्योंकि इससे पहले सदन में भाजपा और कांग्रेस के पार्षद थे। जब यह एजेंडा पास कराया गया तो कांग्रेस ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन भाजपा के 19 और कांग्रेस के मात्र 7 पार्षद होने से उनकी एक न चली।
सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगे बिल
जिन लोगों के बढ़े हुए बिल आ गए हैं उन्होंने पुराने बिलों के साथ नए बिल का फोटो खींचकर वायरल करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा है कि नगर निगम ने बिना बताए कूड़े के बिल बढ़ा दिए हैं। लोग अपने पार्षदों के साथ ही प्रशासन व निगम को भी टैग करके इसे वायरल कर रहे हैं। ऐसे में पार्षदों के लिए पानी के बाद अब कूड़े के शुल्क का मुद्दा भी चुनौती बनेगा।
समस्या समाधान टीम ने भेजा पत्र
समस्या समाधान टीम ने नगर निगम को पत्र लिखकर अपील की है कि बढ़े हुए दाम अधिसूचना के नियमानुसार किए गए हैं, लेकिन इससे पहले एक बार लोगों को किसी माध्यम से अवगत कराया जाता तो बेहतर होता। लोग अचानक बढ़े हुए दाम देखकर निगम भाग रहे हैं, उन्हें लग रहा है कि किसी गफलत में शुल्क बढ़ गए। हर दिन लोगों पर इतना बोझ बढ़ रहा है कि वह भूल जाता है कि उसे अपनी जेब और ढीली करनी होगी।
अधिसूचना के अनुसार हर साल पानी के दाम बढ़ने हैं, उसी के अनुसार बिल दिए गए हैं। इस संबंध में एक बार लोगों को अवगत करा दिया गया है। हर साल इसकी जानकारी दी जाए, यह कहीं नहीं होता है। किसी को कोई असमंजस हो तो निगम के दफ्तर में आकर समाधान करा सकता है। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त नगर निगम
कोई भी दाम सुविधा के अनुसार बढ़ाए जाते हैं। शहर में गाड़ियों से सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग कर लिया जा रहा है। लोग भी जागरूक हुए हैं और सहयोग कर रहे हैं। स्वच्छता अभियान के लिए यह जरूरी भी था। लोग शहर के व्यवस्था से खुश हैं, इसलिए निगम को पूरा सहयोग कर रहे हैं। - सरबजीत कौर, मेयर
लोग पहले रेहड़ी वाले को 100 रुपये देते थे और वह अपने घर की तरह कूड़ा लेकर जाता था। त्योहारों पर उसे उपहार भी देते थे। अब दाम बढ़ गए और व्यवस्था खराब हो गई। जो एजेंडे जनता पर बोझ डालने वाले भाजपा कार्यकाल में पास हुए हैं उन्हें फिर से समीक्षा कर चर्चा के लिए सदन में लाएंगे। - सुभाष चावला, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
लोग दफ्तर चले जाते हैं तब गाड़ी कूड़ा लेने आती है, कई जगह तो काफी दिनों तक गाड़ी आती ही नहीं है। पूछने पर बताया जाता है कि गाड़ी दूसरे क्षेत्र में गई है। भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर पिछले पांच सालों में जनता के ऊपर बोझ डालने का ही काम किया है। - योगेश ढींगरा, नेता प्रतिपक्ष व पार्षद, आप