चंडीगढ़ के कॉलेज सोमवार से खुलेंगे, पीयू में अगले आदेश तक चलेगी ऑनलाइन कक्षाएं
शिक्षा विभाग ने कॉलेज प्राचार्यों की राय के बाद कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। शिक्षा निदेशक रूबिन्दरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि अभी तक हमने सोमवार से कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।
अभी बस प्रशासक की ओर से फैसले पर मुहर लगनी बाकी है। आगामी दो-तीन दिनों में प्रशासक की ओर से फाइल मंजूर होने के बाद हम नोटिस जारी कर देंगे। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी ने अगले आदेश तक पीयू और इससे संबद्ध कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षा जारी रहने की बात कही है।
पंजाब यूनिवर्सिटी के डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन प्रो आरके सिंगला ने बताया कि हम नियमित कक्षा शुरू करने को लेकर लगातार बैठकें कर रहे हैं। अभी तक हम अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं इसलिए जब तक पीयू की तरफ से फैसला नहीं लिया जाता, तब तक विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन ही चलेंगी।
कई विद्यार्थियों की तरफ से यह सवाल आ रहे थे कि 16 नवंबर से नियमित कक्षाएं शुरू हो रही हैं, इसलिए हमारी विद्यार्थियों से अपील है कि पीयू के अधिकारिक फैसले का इंतजार करें।
यूजीसी के निर्देशानुसार पीजी और यूजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों से करेंगे शुरुआत
उच्चतर शिक्षा विभाग ने यूजीसी के दिशानिर्देश को ध्यान में रखते हुए कॉलेजों को खोलने के लिए खाका तैयार किया है। शुरुआत में पीजी और यूजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नियमित कक्षाओं के लिए बुलाया जाएगा। अगर कॉलेज में नियमित कक्षाएं सुचारू रूप से चल पाती हैं तो बाद में अन्य विद्यार्थियों को दिसंबर के पहले हफ्ते में बुलाने की योजना है।
ये रहेंगे दिशानिर्देश
- एक बार मे 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को बुलाने की अनुमति होगी।
- लोकल (ट्राइसिटी के) विद्यार्थियों को पहले बुलाया जाएगा।
- अगर हालात ठीक रहते हैं तो बाहरी जगह के विद्यार्थियों की कक्षाओं पर विचार किया जाएगा।
- कॉलेजों ने अपनी अलग एसओपी भी तैयार की है।
- रेगुलर विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू होने पर सभी शिक्षक कॉलेज आएंगे। अभी कई जगह रोटेशनल बेसिस पर शिक्षक कॉलेज आ रहे हैं।
- घर मे रहने वाले विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षा के जरिए पढ़ाया जाएगा।
- पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों को सबसे अंत में कॉलेज बुलाया जाएगा।
- कॉलेज की तरफ से परिसर में किसी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं होगी।
- कॉलेज में सामाजिक दूरी का पालन हो सके, इसलिए सभी विद्यार्थियों की कक्षाओं में आने और जाने के समय में अंतर रहेगा।
- एक कक्षा में 15 से 20 विद्यार्थियों को जगह के अनुसार सामाजिक दूरी के साथ बैठाया जाएगा।