चंडीगढ़। सीआईएसएफ ने देशभर के 68 हवाई अड्डों पर तैनात विमानन सुरक्षा समूह (एएसजी) के लिए एक आंतरिक गुणवत्ता नियंत्रण इकाई (आईक्यूसीयू) की स्थापना कर विमानन सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आईक्यूसीयू विश्व स्तरीय सुरक्षा प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) की ओर से जारी राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन सुरक्षा गुणवत्ता नियंत्रण कार्यक्रम-2024 (एनसीएएसक्यूसीपी) और विमान (सुरक्षा) नियम-2023 के अनुपालन में शुरू की गई है।
दरअसल आईक्यूसीयू विमानन सुरक्षा नियंत्रण केंद्र (एएससीसी) का हिस्सा होगा। इसका उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 22 जुलाई, 2023 को किया था। यह एएससीसी घटना प्रबंधन केंद्र, विमानन अनुसंधान और डेटा केंद्र, केंद्रीकृत संचार नियंत्रण केंद्र के साथ मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने व भारतीय हवाई अड्डों की समग्र सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आईक्यूसीयू के साथ मिलकर काम करेगा। यह प्रणाली क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के अंतर्गत आने वाले हवाई अड्डों को भी कवर करेगी। आईक्यूसीयू का नेतृत्व सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी और प्रमाणित विमानन सुरक्षा प्रशिक्षकों, राष्ट्रीय लेखा परीक्षकों और अनुभवी कर्मियों की एक टीम की ओर से किया जाएगा। इस टीम की ओर से मानकीकृत प्रशिक्षण और मूल्यांकन विधियों के माध्यम से सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षा प्रक्रियाओं में एकरूपता सुनिश्चित करना, क्षेत्र परीक्षणों और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के आधार पर नई तकनीकों को अपनाने की सिफारिश, सुरक्षा संचालन का मूल्यांकन करने और सुधारात्मक उपायों को लागू करने, स्थापित मानकों को पूरा करने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की निगरानी, समीक्षा, अद्यतन करना, अनुपालन सुनिश्चित करना, प्रौद्योगिकी प्रभावशीलता और परिचालन दक्षता स्थापित करना करने के अलावा सुरक्षा व्यवस्था के दौरान कमियों की पहचान करने, प्रदर्शन में सुधार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के अलावा मानकों के अनुसार सभी एयरपोर्ट सिक्योरिटी ग्रुप से फीडबैक एकत्र व उसका विश्लेषण करना इसमें शामिल होगा।