अंधेरगर्दीः चौकी प्रभारी को बंधक बनाकर पीटा, अपने ही थाने में दर्ज नहीं हो रही रिपोर्ट
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रेवाड़ी के रामपुरा थाने के भाड़ावास चौकी का पीसीआर इंचार्ज तीन दिन से अपने ही थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए चक्कर काट रहा है। महिला की शिकायत पर गांव में मामले की तफ्तीश करने के दौरान बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की गई थी। रामपुरा थाना पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही है।
ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि जब पुलिसवालों को ही न्याय नहीं मिल पा रहा है तो हरियाणा पुलिस की इस कार्यशैली से आम आदमी क्या उम्मीद रखे।
भाडावास गांव पुलिस चौकी में बतौर प्रभारी तैनात हेड कांस्टेबल अमित कुमार ने बताया कि 27 जुलाई की रात साढ़े बारह बजे भाड़ावास गांव निवासी एक महिला ने चौकी में आकर पुलिस में शिकायत दी थी।
उसका आरोप था कि गांव का एक युवक और महिला उसके घर में घुस आए हैं। हेड कांस्टेबल ने बताया कि शिकायत के बाद आरोपियों को काबू करने के लिए वह जिप्सी चालक और एक होमगार्ड को साथ लेकर आरोपियों के घर गए थे। उन्होंने थाने लाने के लिए आरोपियों को जिप्सी में बैठा लिया। इसी दौरान वहां कुछ अन्य लोग भी पहुंच गए।
इसके बाद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और होमगार्ड की वर्दी फाड़ने के बाद वहां से भाग गए। घटना की सूचना रात को ही थाना प्रभारी को दी थी। मेडिकल कराने के बाद रात को ही रामपुरा थाना में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी गई।
27 जुलाई की रात को घटना के बाद पीड़ित पुलिसकर्मियों द्वारा थाना में शिकायत दे दी गई। लेकिन तीन बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है जबकि प्राथमिक उपचार के बाद रामपुरा थाना में शिकायत भी दे दी गई है।
भाड़ावास गांव चौकी में ऐसा कोई भी मामला नहीं हुआ है। अगर होता तो मुझे इसकी जानकारी होती। किसी भी पुलिस कर्मचारी ने मारपीट, वर्दी फाड़ने व बंधक बनाने जैसी कोई शिकायत नहीं दी है।
-उमेश कुमार, एसएचओ रामपुरा।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
-नाजनीन भसीन, पुलिस अधीक्षक।