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Chandigarh News: तीन साल के लंबे इंतजार के बाद बच्चों का अस्पताल बनकर तैयार
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चंडीगढ़। गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच) सेक्टर-16 में बच्चों के लिए बनाए जा रहे 32 बेड के आईसीयू चाइल्ड डेडिकेटेड हॉस्पिटल का काम लगभग पूरा हो गया है। उम्मीद है कि सितंबर में अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा। कोविड के दौरान बच्चों के इलाज की व्यवस्था को ध्यान में रखकर सरकार ने 32 बेड वाले आईसीयू अस्पताल के निर्माण का निर्देश दिया था लेकिन बार-बार तय तिथि गुजरने के बाद अब जाकर अस्पताल के निर्माण का कार्य पूरा हो पाया है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग को इमरजेंसी कोविड रिस्पॉन्स पैकेज-2 के तहत 5.6 करोड़ मिले थे। इससे बच्चों के लिए 32 बेड का कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया जाना था। पहली बार 15 नवंबर 2021 तक इसका निर्माण पूरा होना था लेकिन यह तिथि कार्य योजना बनाने में ही निकल गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग को न तो अलग से बिल्डिंग बनानी थी न ही मानव संसाधन की व्यवस्था करनी थी, उसे बनाने में तीन साल लग गए। स्वास्थ्य विभाग की धीमी रफ्तार के कारण इस अस्पताल के निर्माण की अवधि बढ़ाकर जनवरी 2022 की गई थी। उसके बाद ऊपर से दबाव बनने पर अस्पताल के निर्माण में तेजी दिखाई गई। पिछले तीन से चार महीने में 70 प्रतिशत काम पूरा किया गया है।
रेफर बच्चों को मिलेगा लाभ
चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य प्रदेशों से गंभीर रूप से बीमार बच्चों को रेफर किया जाता है। ऐसे में पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर और जीएमसीएच-32 के बच्चों के आईसीयू के बेड लगभग हमेशा फुल रहते हैं। जीएमएसएच-16 में सुविधा का अभाव होने के कारण ऐसे बच्चों के इलाज में परेशानी होती है। अब इस अस्पताल का संचालन शुरू हो जाने से रेफर बच्चों के इलाज में आसानी होगी।
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चाइल्ड डेडिकेटेड हॉस्पिटल का काम लगभग पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि सितंबर में सुविधा शुरू हो जाएगी। इससे अन्य प्रदेशों से रेफर होने वाले बच्चों के इलाज की राह भी आसान होगी।
-डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य
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कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग को इमरजेंसी कोविड रिस्पॉन्स पैकेज-2 के तहत 5.6 करोड़ मिले थे। इससे बच्चों के लिए 32 बेड का कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया जाना था। पहली बार 15 नवंबर 2021 तक इसका निर्माण पूरा होना था लेकिन यह तिथि कार्य योजना बनाने में ही निकल गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग को न तो अलग से बिल्डिंग बनानी थी न ही मानव संसाधन की व्यवस्था करनी थी, उसे बनाने में तीन साल लग गए। स्वास्थ्य विभाग की धीमी रफ्तार के कारण इस अस्पताल के निर्माण की अवधि बढ़ाकर जनवरी 2022 की गई थी। उसके बाद ऊपर से दबाव बनने पर अस्पताल के निर्माण में तेजी दिखाई गई। पिछले तीन से चार महीने में 70 प्रतिशत काम पूरा किया गया है।
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रेफर बच्चों को मिलेगा लाभ
चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य प्रदेशों से गंभीर रूप से बीमार बच्चों को रेफर किया जाता है। ऐसे में पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर और जीएमसीएच-32 के बच्चों के आईसीयू के बेड लगभग हमेशा फुल रहते हैं। जीएमएसएच-16 में सुविधा का अभाव होने के कारण ऐसे बच्चों के इलाज में परेशानी होती है। अब इस अस्पताल का संचालन शुरू हो जाने से रेफर बच्चों के इलाज में आसानी होगी।
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चाइल्ड डेडिकेटेड हॉस्पिटल का काम लगभग पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि सितंबर में सुविधा शुरू हो जाएगी। इससे अन्य प्रदेशों से रेफर होने वाले बच्चों के इलाज की राह भी आसान होगी।
-डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य