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... क्योंकि अब तो किताबें भी बोलने लगीं!
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 18 Apr 2014 10:43 PM IST
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पॉप अप, फ्लिप और साउंड बुक्स के बाद अब टॉकिंग बुक्स के जरिए बच्चे पढ़ाई करेंगे। डॉलफिन पेन के जरिये नर्सरी और के.जी के बच्चों को खेल-खेल में ही सीखने का मौका मिलेगा
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टेक्स्ट या पिक्चर के ऊपर डॉलफिन पेन रखते ही म्यूजिकल टोन के साथ राइम्स तो चरित्रों की खुद की आवाज में कहानियां सुनी जा सकेंगी।
अगर मैथ्स की कोई खास बात यह है कि इसमें रिकॉडिंग की भी सुविधा है, ताकि बच्चों ने कितनी बातें सीखी, इसका भी पता चल सके। फिलहाल हिंदी, पंजाबी, अंग्रेजी और फ्रेंच भाषा में इन किताबों के जरिये बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे, जिसकी संख्या में बाद में बढ़ोतरी की जा सकती है।
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सेक्टर-20 स्थित स्कूल ‘द गुरुकुल’ में शुक्रवार को इस दिशा में की गई पहल करते हुए कुछ बच्चों को टॉकिंग बुक्स भी बांटे गए।
द गुरुकुल की प्रिंसिपल हरसिमरन कौर ने बताया कि बच्चों को टॉकिंग बुक्स यानि टॉकिंग डॉलफिन टीचर मुहैया कराने का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई का अवसर देना है। इससे बच्चे खेल-खेल में भी पढ़ाई कर सकेंगे और उन्हें पढ़ाई बोझिल भी नहीं लगेगी।
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इससे बच्चों के लिए जहां पढ़ाई आसान हो जाएगा, वहीं उनका ओवरऑल डवलेपमेंट भी होगा। स्कूल के डायरेक्टर संजय थरेजा का कहना है कि बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान बनाने के लिए यह पहल की गई है। फिलहाल नर्सरी और केजी के बच्चों के लिए स्कूल की तरफ से किताबें मुहैया कराई गई हैं।