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बच्चे की मौत के बाद पिम्स में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Mon, 11 Aug 2014 10:15 PM IST
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पिम्स अस्पताल में सोमवार को एक बच्चे की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने बच्चे की मौत का कारण डॉक्टरों की लापरवाही बताया है।
मिट्ठा बाजार के सुरेश बाहरी ने बताया कि 11 अप्रैल को एक प्राइवेट अस्पताल में उनके दो बेटे हुए थे। दोनो बच्चे सातवें माह में जन्मे थे इसलिए वो दोनों को लेकर पिम्स अस्पताल आए। दोनों में से एक बच्चा तो 2 माह पहले ठीक होकर घर आ गया लेकिन दूसरे बच्चे को छुट्टी नहीं दी गई।
सोमवार उनको सुबह 8.30 बजे फोन आया कि उनका बच्चा सीरियस है। जब वे 10.30 बजे के करीब अस्पताल पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि बच्चे की सुबह साढ़े आठ बजे ही मौत हो चुकी है। उसने आरोप लगाया कि उनके बच्चे की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने अपने बच्चे की हालत जानने के लिए कई बार अस्पताल के डॉक्टर जतिंदर को फोन किए लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे के इलाज में चार से साढ़े चार लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
सुरेश ने कहा कि वह 6 हजार प्रति माह की नौकरी करता है। उन्होंने अपने बच्चे का इलाज कर्ज लेकर करवाया है, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनका बच्चा नहीं बच सका।
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मिट्ठा बाजार के सुरेश बाहरी ने बताया कि 11 अप्रैल को एक प्राइवेट अस्पताल में उनके दो बेटे हुए थे। दोनो बच्चे सातवें माह में जन्मे थे इसलिए वो दोनों को लेकर पिम्स अस्पताल आए। दोनों में से एक बच्चा तो 2 माह पहले ठीक होकर घर आ गया लेकिन दूसरे बच्चे को छुट्टी नहीं दी गई।
सोमवार उनको सुबह 8.30 बजे फोन आया कि उनका बच्चा सीरियस है। जब वे 10.30 बजे के करीब अस्पताल पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि बच्चे की सुबह साढ़े आठ बजे ही मौत हो चुकी है। उसने आरोप लगाया कि उनके बच्चे की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने अपने बच्चे की हालत जानने के लिए कई बार अस्पताल के डॉक्टर जतिंदर को फोन किए लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे के इलाज में चार से साढ़े चार लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
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सुरेश ने कहा कि वह 6 हजार प्रति माह की नौकरी करता है। उन्होंने अपने बच्चे का इलाज कर्ज लेकर करवाया है, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनका बच्चा नहीं बच सका।
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