Mohali: मुख्य सचिव ने किया सिविल अस्पताल का औचक दौरा, जानीं मुफ्त दवाओं और एक्स रे की उपलब्धता
मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा 26 जनवरी से सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाएं, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सुविधाओं की घोषणा के बाद मुख्य सचिव जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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पंजाब के चीफ सेक्रेटरी अनुराग वर्मा शुक्रवार को एक्शन मोड में दिखाई दिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा बीते दो दिन पहले की घोषणा का चीफ सेक्रेटरी ने जायजा लिया। सीएम ने प्रदेश के सभी सरकारी, सिविल और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।
शुक्रवार को चीफ सेक्रेटरी अनुराग वर्मा मोहाली के फेज-छह स्थित जिला अस्पताल जायजा लेने पहुंचे। वहां पहुंचकर सीएस वर्मा ने इस सुविधा को जमीनी स्तर पर उतारने और मरीजों को इसका लाभ मिल सके, उसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के डीसी, सिविल सर्जन और एसएमओ की जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने कहा कि इस योजना में किसी प्रकार की कोई ढील सहन नहीं की जाएगी।
यहां तक कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मुख्य सचिव ने इस योजना को लेकर हर हफ्ते-10 दिन पर रिपोर्ट भी मांगी है। अगर कोई एसएमओ या डीसी उनकी इस अर्जी को नहीं सुनता है तो इसकी सूचना या शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर-1100 पर संपर्क करने को कहा है। चीफ सेक्रेटरी के साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अजॉय शर्मा और पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के एमडी वरिंदर कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।
अन्य रोगों की दवाएं शामिल की जाएंगी सूची में
इस योजना में जल्द ही अन्य गंभीर रोगों के इलाज में काम आने वाली दवाओं को भी सूची में शामिल किया जाएगा। अभी इस सूची में 276 प्रकार की दवाएं शामिल हैं। सीएस ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि मरीजों को जिस प्रकार की ज्यादातर स्वास्थ्य दिक्कतें सामने आती हैं, उन्हें चिह्नित कर इलाज में काम आने वाली दवाओं को भी भविष्य में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मुफ्त दवाओं के लिए 25 करोड़ दिए
निशुल्क दवाओं के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 25 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सीनियर मेडिकल ऑफिसर की वित्तीय शक्तियां 25 हजार से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये कर दी गई हैं। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में 23 जिला अस्पताल, 41 सब डिवीजन अस्पताल और 161 कम्युनिटी हेल्थ सेंटर हैं। इन सभी अस्पतालों में उक्त प्रणाली लागू कर दी गई है।