छठ पूजा 2021: दो साल बाद कृत्रिम सरोवरों में होगी पूजा, आज से शुरू होगा लोक आस्था का महापर्व
दो साल बाद चंडीगढ़ में छठ पूजा कृत्रिम सरोवरों में होगी। इसकी तैयारियां भी जोरों पर हैं। लोक आस्था का महापर्व आज से शुरू होगा।
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लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-42 स्थित न्यू लेक में पानी भरा जा रहा है लेकिन जो पूजा समितियां कृत्रिम घाट तैयार कर पूजा का आयोजन करती थीं, इस बार उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ आठ नवंबर को नहाय खाय से शुरू होगा।
कोविड के कारण पिछले वर्ष शहर में न्यू लेक व कुछ अन्य जगहों को छोड़कर सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हुए थे। लोगों ने घर में ही व्रत किया था। सरोवर की जगह लोग घर में ही टब में पानी भरकर और उसमें खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया था, इसलिए इस वर्ष पूजा समितियों को कृत्रिम सरोवरों को ढूंढने और उसे साफ करने में काफी मेहनत लग रही है।
शहर में सैकड़ों जगह कृत्रिम घाट बनाए जाते हैं और फिर पूजा के बाद उसे मिट्टी से भर दिया जाता है लेकिन दो साल बाद अब फिर से उन घाटों को दोबारा ढूंढा जा रहा है और सफाई की जा रही है। दो साल हो जाने की वजह से स्थितियां बदल गई हैं, इसलिए पूजा समितियों को कृत्रिम घाट तैयार करने के लिए जेसीबी की भी मदद लेनी पड़ रही है।
न्यू लेक में पानी भरना शुरू
पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान डीके सिंह ने बताया कि सेक्टर-42 स्थित न्यू लेक पर छठ का भव्य आयोजन होगा। हजारों की संख्या में व्रती पहुंचेंगे। 10 नवंबर को ढलते और 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। प्रशासन के साथ इस संबंध में बात चल रही है। उन्होंने कहा कि न्यू लेक को जगमग रोशनी से सजाया जाएगा। पिछले वर्ष कोविड के कारण बहुत परेशानी हुई थी।
जोरों पर हैं तैयारियां
इस बार धूमधाम से महापर्व मनाया जाएगा। विकास नगर में कृत्रिम सरोवर का निर्माण कर पूजा होगी। पूर्वांचल सांस्कृतिक संघ के कार्यकर्ता काम में जुटे हैं। व्रतियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। - मुकेश राय, अध्यक्ष पूर्वांचल सांस्कृतिक संघ चंडीगढ़
चल रही है सरोवर की सफाई
मलोया स्थित बस स्टैंड पर बने सरोवर की सफाई काम शुरू हो गया है। छठ से पहले पूरी तरह से सफाई कर स्वच्छ पानी सरोवर में भरा जाएगा। सरोवर में पानी भरने से पहले उसमें गंगाजल डाला जाएगा। - संजय बिहारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पूर्वांचल संगठन समिति मलोया।
यह है कार्यक्रम
- 8 नवंबर: नहाय खाय
- 9 नवंबर: खरना
- 10 नवंबर: अस्ताचलगामी सूर्य अर्घ्य
- 11 नवंबर: उगते सूर्य को अर्घ्य