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एक टेस्ट, जो बताएगा कीमोथैरेपी जरूरी या नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 09 Jun 2015 10:30 AM IST
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जेनेटिक्स एंड जीनोमिक्स कंपनी आई लाइफ डिस्कवरीज ने एक टेस्ट लांच कर दावा किया है कि इससे ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित कुछ मरीजों को कीमोथैरेपी देने से बचाया जा सकता है।
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कंपनी के सीएमडी आनंद गुप्ता ने दावा किया कि आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित सभी मरीजों को कीमोथैरेपी देने दिया जाता है, लेकिन कई मरीजों को कीमोथैरेपी की जरूरत नहीं पड़ती।
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दूसरी थैरेपी से उनका इलाज किया जा सकता है। कंपनी की ओर से जीन टेस्ट लांच किया गया है, जो दो प्रकार के हैं। ममा प्रिंट व ब्लू प्रिंट। ममा प्रिंट में 70 जीन का कॉकटेल है, जो मरीज में कैंसर के रिस्क के बारे में बताएगा।
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कम रिस्क का सिग्नल आने पर मरीज को कीमोथैरेपी देने से बचाया जा सकता है। साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि दोबारा कैंसर होने के चांस कितने होंगे। इसी तरह से ब्लू प्रिंट टेस्ट भी कैंसर मरीजों के लिए फायदेमंद है।
आनंद गुप्ता के मुताबिक टेस्ट को लांच हुए कुछ ही दिन बीते हैं। डॉक्टरों और मरीजों के साथ लगातार सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि पीड़ितों को फायदा पहुंचाया जा सके।