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रिश्वतखोरी में गिरफ्तार सीएचबी का जूनियर टेक्नीशियन दोषी करार
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चंडीगढ़। 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के जूनियर टेक्नीशियन सुरजीत सिंह को दोषी करार दे दिया। सजा का फैसला 16 दिसंबर होगा।
दरअसल, 20 मार्च 2014 को सीबीआई ने सुरजीत सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7,13 (1) (डी) के तहत मामला दर्ज किया था। इन्हीं धाराओं के तहत अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है।
सुरजीत सिंह ने सेक्टर-61 निवासी सुखबीर सिंह से फाइल पास करने के नाम पर यह रिश्वत मांगी थी। सुखबीर ने सीबीआई को शिकायत देकर बताया था कि सेक्टर-61 के एक मकान का मालिकाना हक बदलवाने के लिए उसने गलती से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में एक लाख रुपये से ज्यादा जमा करवा दिए। इसके बाद उसने हाउसिंग बोर्ड को एक आवेदन दायर कर पैसे वापस करने की मांग की। यह मामला टेक्नीशियन सुरजीत सिंह के पास लंबित था इसीलिए सुरजीत सिंह पैसे वापस करने के लिए सुखबीर सिंह से रिश्वत की मांग कर रहा था। बाद में 20 हजार रुपये में समझौता हुआ। पहली किश्त में दस हजार रुपये देने के लिए दोनों में सहमति बनी। इसके बाद सुखबीर ने मामले की सूचना सीबीआई को दी। सीबीआई ने जाल बिछाकर सुरजीत सिंह को पहली किस्त के 10 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था।
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दरअसल, 20 मार्च 2014 को सीबीआई ने सुरजीत सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7,13 (1) (डी) के तहत मामला दर्ज किया था। इन्हीं धाराओं के तहत अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है।
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सुरजीत सिंह ने सेक्टर-61 निवासी सुखबीर सिंह से फाइल पास करने के नाम पर यह रिश्वत मांगी थी। सुखबीर ने सीबीआई को शिकायत देकर बताया था कि सेक्टर-61 के एक मकान का मालिकाना हक बदलवाने के लिए उसने गलती से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में एक लाख रुपये से ज्यादा जमा करवा दिए। इसके बाद उसने हाउसिंग बोर्ड को एक आवेदन दायर कर पैसे वापस करने की मांग की। यह मामला टेक्नीशियन सुरजीत सिंह के पास लंबित था इसीलिए सुरजीत सिंह पैसे वापस करने के लिए सुखबीर सिंह से रिश्वत की मांग कर रहा था। बाद में 20 हजार रुपये में समझौता हुआ। पहली किश्त में दस हजार रुपये देने के लिए दोनों में सहमति बनी। इसके बाद सुखबीर ने मामले की सूचना सीबीआई को दी। सीबीआई ने जाल बिछाकर सुरजीत सिंह को पहली किस्त के 10 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था।
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