{"_id":"5e66acec8ebc3eeb1d5e1c45","slug":"chb-breaks-illegal-construction-of-three-houses-in-manimajra-chandigarh-news-pkl369140179","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचबी ने मनीमाजरा में तीन मकानों के अवैध निर्माण तोड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचबी ने मनीमाजरा में तीन मकानों के अवैध निर्माण तोड़े
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। बिना अनुमति नया निर्माण कार्य के खिलाफ चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) का अभियान जारी है। सीएचबी के इंफोर्समेंट विंग ने सोमवार को मनीमाजरा में तीन मकानों से अवैध निर्माण को गिरा दिया। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई को देखने के बाद तीन अन्य लोगों ने खुद ही अवैध निर्माण को तोड़ दिया।
मनीमाजरा में उन मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिन्हें अवैध निर्माण रोककर तुरंत इसे हटाने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस के बावजूद लोगों ने आदेश का पालन नहीं किया। इस कारण बोर्ड ने खुद अवैध निर्माण गिराना शुरू कर दिया। सीएचबी के एक अधिकारी ने बताया कि यहां कई आवंटियों का चालान किया गया है, जिनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। जहां कहीं भी बिना अनुमति नया निर्माण कार्य होता है, बोर्ड तुरंत उसके खिलाफ कार्रवाई करता है। पहले नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया जाता है। अगर इस दौरान निर्माणकार्य रोककर अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता तो बोर्ड की तरफ से कार्रवाई की जाती है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से इस पर आया खर्च भी आवंटियों से ही वसूला जाता है।
विज्ञापन
मनीमाजरा में उन मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिन्हें अवैध निर्माण रोककर तुरंत इसे हटाने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस के बावजूद लोगों ने आदेश का पालन नहीं किया। इस कारण बोर्ड ने खुद अवैध निर्माण गिराना शुरू कर दिया। सीएचबी के एक अधिकारी ने बताया कि यहां कई आवंटियों का चालान किया गया है, जिनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। जहां कहीं भी बिना अनुमति नया निर्माण कार्य होता है, बोर्ड तुरंत उसके खिलाफ कार्रवाई करता है। पहले नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया जाता है। अगर इस दौरान निर्माणकार्य रोककर अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता तो बोर्ड की तरफ से कार्रवाई की जाती है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से इस पर आया खर्च भी आवंटियों से ही वसूला जाता है।
विज्ञापन