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Chandigarh News: विलो कैफे फायरिंग केस में अंगद धालीवाल के खिलाफ चार्जशीट
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30 अक्तूबर से अदालती कार्यवाही शुरू होने की जानकारी, सीसीटीवी फुटेज जांच का अहम आधार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। सेक्टर-10 के विलो कैफे की छत पर 16 फरवरी 2025 को हुई फायरिंग के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने जांच पूरी कर जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पंजाब के पूर्व एडीजीपी परमराज सिंह उमरानंगल के बेटे अंगद सुखराज सिंह धालीवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125, 61(2), 249 (सी), 238 (सी) और आर्म्स एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं। 30 अक्तूबर से अदालती कार्यवाही शुरू होने की जानकारी है।
आरोप है कि अंगद ने कैफे की छत पर हथियार निकालकर हवा में गोली चलाई थी। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को हथियार निकालते और फायरिंग करते देखा गया। घटना के बाद वह दुबई चला गया था। पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी कर उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की। करीब पांच महीने बाद भारत लौटकर वह जांच में शामिल हुआ।
कोटकपूरा गोलीकांड के बाद निलंबित रहे थे पिता
परमराज सिंह उमरानंगल को अक्तूबर 2015 के कोटकपूरा गोलीकांड के बाद निलंबित किया गया था। वह करीब पांच साल निलंबित रहे। फरवरी 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2019, 2020 और 2021 के तीन निलंबन आदेश रद्द कर दिए थे। वह दिसंबर 2025 में एडीजीपी पद से सेवानिवृत्त हुए। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत करेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। सेक्टर-10 के विलो कैफे की छत पर 16 फरवरी 2025 को हुई फायरिंग के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने जांच पूरी कर जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पंजाब के पूर्व एडीजीपी परमराज सिंह उमरानंगल के बेटे अंगद सुखराज सिंह धालीवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125, 61(2), 249 (सी), 238 (सी) और आर्म्स एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं। 30 अक्तूबर से अदालती कार्यवाही शुरू होने की जानकारी है।
आरोप है कि अंगद ने कैफे की छत पर हथियार निकालकर हवा में गोली चलाई थी। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को हथियार निकालते और फायरिंग करते देखा गया। घटना के बाद वह दुबई चला गया था। पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी कर उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की। करीब पांच महीने बाद भारत लौटकर वह जांच में शामिल हुआ।
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कोटकपूरा गोलीकांड के बाद निलंबित रहे थे पिता
परमराज सिंह उमरानंगल को अक्तूबर 2015 के कोटकपूरा गोलीकांड के बाद निलंबित किया गया था। वह करीब पांच साल निलंबित रहे। फरवरी 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2019, 2020 और 2021 के तीन निलंबन आदेश रद्द कर दिए थे। वह दिसंबर 2025 में एडीजीपी पद से सेवानिवृत्त हुए। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत करेगी।
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