{"_id":"5a01cc1e4f1c1bd0538bbc18","slug":"charges-framed-against-haremahab-trial-from-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अकांक्ष हत्याकांड: हरमेहताब के खिलाफ आरोप तय, ट्रायल 15 से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकांक्ष हत्याकांड: हरमेहताब के खिलाफ आरोप तय, ट्रायल 15 से
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 08 Nov 2017 09:18 AM IST
विज्ञापन
Akansh Murder
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष सेन की हत्या मामले में आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने मंगलवार को आरोप तय कर दिए।
फरीद के खिलाफ 15 नवंबर से केस का ट्रायल शुरू होगा। अदालत पहले ही बचाव पक्ष की ओर से केस को एक्सीडेंट की धारा के तहत चलाने से मना कर चुकी है। साथ ही आदेश दिया था कि फरीद के खिलाफ केस का ट्रायल हत्या की धारा (302) और 34 आईपीसी के तहत ही चलेगा। वहीं, अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका भी खारिज कर दी।
इससे पहले बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि केस रोड साइड एक्सीडेंट का है। इसमें हत्या की धारा के आरोप तय न किए जाएं। वहीं अभियोजन पक्ष ने इस पर दलील दी थी कि यह एक इरादतन हत्या का मामला है और इसके मेडिकल सबूत भी हैं कि अकांक्ष को कार से कुचलकर मारा गया है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने बचाव पक्ष की दलील को खारिज करते हुए केस को 302 और 34 आईपीसी के तहत ही चलाने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
वहीं फरीद की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि, मृतक अकांक्ष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण एक्सीडेंट से उसके सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। बचाव पक्ष के अनुसार पीजीआई की रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं हैं। इससे साफ है कि उसकी हत्या नहीं हुई है, उसकी मौत रोड एक्सीडेंट के कारण सिर पर चोट लगने से हुई है। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर फरीद की जमानत याचिका दायर की थी।
विज्ञापन
फरीद के खिलाफ 15 नवंबर से केस का ट्रायल शुरू होगा। अदालत पहले ही बचाव पक्ष की ओर से केस को एक्सीडेंट की धारा के तहत चलाने से मना कर चुकी है। साथ ही आदेश दिया था कि फरीद के खिलाफ केस का ट्रायल हत्या की धारा (302) और 34 आईपीसी के तहत ही चलेगा। वहीं, अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका भी खारिज कर दी।
विज्ञापन
इससे पहले बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि केस रोड साइड एक्सीडेंट का है। इसमें हत्या की धारा के आरोप तय न किए जाएं। वहीं अभियोजन पक्ष ने इस पर दलील दी थी कि यह एक इरादतन हत्या का मामला है और इसके मेडिकल सबूत भी हैं कि अकांक्ष को कार से कुचलकर मारा गया है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने बचाव पक्ष की दलील को खारिज करते हुए केस को 302 और 34 आईपीसी के तहत ही चलाने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
वहीं फरीद की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि, मृतक अकांक्ष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण एक्सीडेंट से उसके सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। बचाव पक्ष के अनुसार पीजीआई की रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं हैं। इससे साफ है कि उसकी हत्या नहीं हुई है, उसकी मौत रोड एक्सीडेंट के कारण सिर पर चोट लगने से हुई है। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर फरीद की जमानत याचिका दायर की थी।
आठ फरवरी की रात थी सिद्धू के घर पर पार्टी
अकांक्ष हत्याकांड में गिरफ्तार हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद
- फोटो : File Photo
हालांकि, अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि वह मामले में मुख्य आरोपी है। उसने ही कार से टक्कर लगने के बाद कार चला रहे बलराज को फिर से उसे कार से टक्कर मारने की बात कही थी। ऐसे में आरोपी जमानत का हकदार नहीं है।
आठ फरवरी की रात थी सिद्धू के घर पर पार्टी
हिमाचल सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी का भतीजा और सोलन निवासी अकांश सेन सेक्टर-9 में नेशनल शूटर राजा सिद्धू के घर पर रुका हुआ था। अकांश ने एक महीने पहले ही पार्टनरशिप में सेक्टर-9 में बूमबाक्स कैफे खोला था। आठ फरवरी की रात सिद्घू के घर पर पार्टी थी। इसमें फरीद और बलराज भी आए हुए थे।
अकांक्ष के साथ उसका दोस्त शेरा भी था। पार्टी के दौरान शेरा और दोनों आरोपियों में पुरानी किसी बात पर बहस हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। उस समय बीच बचाव कर मामला शांत करवा दिया गया। इसके बाद अकांक्ष सेन और उसका भाई अदम्य सिंह राठौड़ वहां से सेक्टर-18 आ गए।
सुबह पांच बजे अकांश ने एक दोस्त करन को सेक्टर-18 बुलाया और सेक्टर-9 दोबारा देखने पहुंच गए कि उसके बाद कोई झगड़ा नहीं हुआ। उनको वहां देखते ही बलराज गुस्से में आ गया और बीएमडब्ल्यू कार में जा बैठा। उसके साथ फरीद भी बैठ गया। इसके बाद बलराज ने तेज गति से बीएमडब्ल्यू कार अकांक्ष पर चढ़ा दी। उसका भाई अदम्य राठौड़ और उसके दोस्त उसे फौरन पीजीआई ले जाया गया।
घटना के बाद से वह कोमा में था। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। 10 फरवरी को अकांक्ष ने पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने लांडरा निवासी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद और सोहाना निवासी बलराज सिंह रंधावा के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया था। रंधावा को अदालत भगौड़ा करार दे चुकी है।
आठ फरवरी की रात थी सिद्धू के घर पर पार्टी
हिमाचल सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी का भतीजा और सोलन निवासी अकांश सेन सेक्टर-9 में नेशनल शूटर राजा सिद्धू के घर पर रुका हुआ था। अकांश ने एक महीने पहले ही पार्टनरशिप में सेक्टर-9 में बूमबाक्स कैफे खोला था। आठ फरवरी की रात सिद्घू के घर पर पार्टी थी। इसमें फरीद और बलराज भी आए हुए थे।
अकांक्ष के साथ उसका दोस्त शेरा भी था। पार्टी के दौरान शेरा और दोनों आरोपियों में पुरानी किसी बात पर बहस हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। उस समय बीच बचाव कर मामला शांत करवा दिया गया। इसके बाद अकांक्ष सेन और उसका भाई अदम्य सिंह राठौड़ वहां से सेक्टर-18 आ गए।
सुबह पांच बजे अकांश ने एक दोस्त करन को सेक्टर-18 बुलाया और सेक्टर-9 दोबारा देखने पहुंच गए कि उसके बाद कोई झगड़ा नहीं हुआ। उनको वहां देखते ही बलराज गुस्से में आ गया और बीएमडब्ल्यू कार में जा बैठा। उसके साथ फरीद भी बैठ गया। इसके बाद बलराज ने तेज गति से बीएमडब्ल्यू कार अकांक्ष पर चढ़ा दी। उसका भाई अदम्य राठौड़ और उसके दोस्त उसे फौरन पीजीआई ले जाया गया।
घटना के बाद से वह कोमा में था। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। 10 फरवरी को अकांक्ष ने पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने लांडरा निवासी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद और सोहाना निवासी बलराज सिंह रंधावा के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया था। रंधावा को अदालत भगौड़ा करार दे चुकी है।