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कोठी हड़पने का मामला: संजीव महाजन समेत 10 के खिलाफ आरोप तय, एक फरवरी से ट्रायल होगा शुरू

Sat, 29 Jan 2022 01:20 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 29 Jan 2022 01:20 AM IST
सार

कोठी हड़पने के मामले में चंडीगढ़ की अदालत ने 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। एक फरवरी से केस में ट्रायल शुरू होगा। तीन लोगों को गवाही के लिए बुलाया गया है।   

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Charges framed against 10 accused in kothi grabbing case in Chandigarh
फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में अदालत ने 11 माह बाद 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इन आरोपियों में पत्रकार संजीव महाजन, सतपाल डागर, मनीष गुप्ता, सौरभ गुप्ता, अशोक अरोड़ा, दलजीत सिंह उर्फ रूबल, चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर राजदीप सिंह, शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, गुरप्रीत सिंह उर्फ नकली राहुल मेहता और खलिंदर सिंह कादियान शामिल हैं। 

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मुख्य केस के साथ-साथ संजीव महाजन, अरविंद सिंगला, सतपाल डागर और खलिंदर सिंह कादियान के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर करने के छह मामलों में भी केस चलेगा। इन मामलों में भी अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। केस में एक फरवरी से ट्रायल शुरू होगा, जिसमें तीन गवाहों को गवाही के लिए बुलाया गया है।
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जिला अदालत में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और सरकारी वकील के बीच काफी बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोप तय किए। पुलिस की ओर से गठित एसआईटी की जांच के आधार पर एक मार्च 2021 की रात को संजीव महाजन व एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मामले से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई। वहीं, कुछ आरोपियों ने अदालत में सरेंडर कर दिया था। 
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यह है मामला 
सेक्टर-37 स्थित एक कोठी को हथियाने के मामले में पुलिस को एक शिकायत मिली थी। मामले में पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी बनाई थी। एसआईटी की जांच में पता चला कि सेक्टर-37 निवासी राहुल मेहता को आरोपियों ने पहले प्रताड़ित किया, उसके बाद उसकी कोठी हथियाने की साजिश रची। फर्जी दस्तावेज बनाकर उस पर नकली राहुल मेहता के हस्ताक्षर करवा दिए। इसके बाद आरोपियों ने राहुल मेहता को गुजरात के आश्रम में छोड़ दिया और उसकी कोठी हड़प ली। इस दौरान राहुल कई साल तक अलग-अलग आश्रमों में रहा। जांच में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने असली राहुल मेहता के बयान दर्ज किए और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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