स्वर्ण मंदिर गलियारा मामले में 12 अफसरों पर आरोप तय
अमृतसर में स्वर्ण मंदिर गलियारे के आसपास अतिक्रमण करने वालों की मदद करने पर 12 अधिकारियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए। जिन दो होटल मालिकों ने निगम की ओर से लगाई गई सील को तोड़ा था, उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
वीरवार को अमृतसर नगर निगम आयुक्त सोनाली गिरी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर यह जानकारी दी। जस्टिस एजी मसीह ने निगम आयुक्त को आदेश दिया कि वे उन दोनों होटलों को शुक्रवार सुबह ही खाली करवा दोबारा सील करें।
इसके साथ ही जस्टिस मसीह ने इन दोनों होटल मालिकों को हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना का नोटिस जारी कर पांच दिसंबर को मामले की अगली सुनवाई पर पेश होने के आदेश जारी किए हैं।
उधर, पंजाब सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि द अमृतसर वाल्ड सिटी (रिकग्निशन ऑफ यूसेज) एक्ट-2016 बनाकर उसे नोटिफाई किया जा चुका है।
अतिक्रमणकारियों की मदद करने में पाए गए दोषी
इस एक्ट के तहत अब तक निगम को 200 से भी अधिक आवेदन मिल चुके हैं और इनका सर्वे भी कर लिया गया है। रेगुलराइज करने के लिए कम्पोजीशन चार्ज, वायोलेशन की रेगुलराइजेशन और अन्य नॉर्म भी तय कर दिए गए हैं।
अब इसकी स्वीकृति के लिए इसे स्थानीय निकाय मंत्री के पास भेजा गया है, जहां से दो सप्ताह में स्वीकृति मिल जाएगी। पंजाब सरकार के इस जवाब को रिकॉर्ड में लेते हुए हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई 5 दिसम्बर तक स्थगित कर दी है।
सरबजीत वेरका ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि स्वर्ण मंदिर गलियारे में कई होटल और अन्य इमारतें नियमों और बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करते हुए अतिक्रमण कर बनी हुई हैं।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि स्वर्ण मंदिर गलियारे के नजदीक किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो, यह प्रशासन को सुनिश्चित करना है। इस मामले में नगर निगम और सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।