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Chandigarh News: अल्कोहलिक लिवर फेलियर के मरीजों के आहार में बदलाव से आसान हुई इलाज की राह
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चंडीगढ़। पीजीआई के विशेषज्ञ अल्कोहलिक लिवर फेलियर के मरीज के आहार में बदलाव कर चौंकाने वाले परिणाम सामने लाए हैं। उन्होंने शोध से साबित किया है कि इन मरीजों को हाई कैलोरी और हाई प्रोटीन डाइट देकर उनकी स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है। इस आहार की मदद से जहां उनकी रिकवरी तेजी से होगी, वहीं मृत्यु दर में भी कमी आएगी। पीजीआई के हेप्टोलॉजी विभाग द्वारा किए गए इस शोध में संस्थान के आहार विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम किया गया। इस शोध को एशियन एसोसिएशन ऑफ लिवर ने भी सराहा है।
पीजीआई हेप्टोलॉजी विभाग के शोध करने वाले विशेषज्ञों में शामिल डॉ. सुनील तनेजा ने बताया कि अल्कोहलिक लिवर फेल्योर के मरीजों को यह धारणा होती है कि इन्हें लो कैलोरी और लो प्रोटीन डाइट देना चाहिए, क्योंकि इसमें लिवर पर दबाव नहीं बनना चाहिए। वहीं, दूसरी तरफ बीमार लिवर को बेहतर बनाने में हाई कैलोरी और हाई प्रोटीन डाइट का खास महत्व है। इसलिए शोध के माध्यम से इसे साबित करने का निर्णय लिया गया। शोध में अल्कोहलिक लिवर फेलियर के 70 मरीजों को शामिल किया गया। इन्हें दो वर्गों में बांटकर तीन महीने तक अलग-अलग आहार दिया गया। एक वर्ग को पहले से तय आहार दिया गया जबकि दूसरे वर्ग में शामिल मरीजों को आहार विज्ञान विभाग द्वारा तय हाई प्रोटीन और हाई कैलोरी वाला भोजन दिया गया। तीन महीने बाद किए गए आकलन में पहले वर्ग में शामिल मरीजों की तुलना में दूसरे वर्ग में शामिल मरीजों के लिवर का विकास तेजी से हुआ, क्योंकि उन्होंने हाई प्रोटीन और हाई कैलोरी डायट ली। डॉ. सुनील ने बताया कि इस शोध में सभी मरीज पुरुष थे, क्योंकि यह मुख्य रूप से शराब से होने वाली लिवर की बीमारी है। इसमें सभी नए मरीजों को शामिल किया गया। डॉ. सुनील का कहना है कि लीवर के मरीज के लिए आहार विज्ञान विभाग द्वारा तैयार किए गए डाइट चार्ट के अनुसार उन्हें आहार में बदलाव करने का निर्देश दिया जाता है जिससे उन पर इलाज तेजी से कारगर साबित हो रही है।
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पीजीआई हेप्टोलॉजी विभाग के शोध करने वाले विशेषज्ञों में शामिल डॉ. सुनील तनेजा ने बताया कि अल्कोहलिक लिवर फेल्योर के मरीजों को यह धारणा होती है कि इन्हें लो कैलोरी और लो प्रोटीन डाइट देना चाहिए, क्योंकि इसमें लिवर पर दबाव नहीं बनना चाहिए। वहीं, दूसरी तरफ बीमार लिवर को बेहतर बनाने में हाई कैलोरी और हाई प्रोटीन डाइट का खास महत्व है। इसलिए शोध के माध्यम से इसे साबित करने का निर्णय लिया गया। शोध में अल्कोहलिक लिवर फेलियर के 70 मरीजों को शामिल किया गया। इन्हें दो वर्गों में बांटकर तीन महीने तक अलग-अलग आहार दिया गया। एक वर्ग को पहले से तय आहार दिया गया जबकि दूसरे वर्ग में शामिल मरीजों को आहार विज्ञान विभाग द्वारा तय हाई प्रोटीन और हाई कैलोरी वाला भोजन दिया गया। तीन महीने बाद किए गए आकलन में पहले वर्ग में शामिल मरीजों की तुलना में दूसरे वर्ग में शामिल मरीजों के लिवर का विकास तेजी से हुआ, क्योंकि उन्होंने हाई प्रोटीन और हाई कैलोरी डायट ली। डॉ. सुनील ने बताया कि इस शोध में सभी मरीज पुरुष थे, क्योंकि यह मुख्य रूप से शराब से होने वाली लिवर की बीमारी है। इसमें सभी नए मरीजों को शामिल किया गया। डॉ. सुनील का कहना है कि लीवर के मरीज के लिए आहार विज्ञान विभाग द्वारा तैयार किए गए डाइट चार्ट के अनुसार उन्हें आहार में बदलाव करने का निर्देश दिया जाता है जिससे उन पर इलाज तेजी से कारगर साबित हो रही है।
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