{"_id":"5e54373e8ebc3ef3b3043d2e","slug":"chandigarh-youth-group-has-written-a-letter-to-the-administrator-for-the-safety-of-students-living-in-pg-chandigarh-news-pkl367598787","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजी में रह रहे विद्यार्थियों सुरक्षा के लिए चंडीगढ़ युवा दल ने प्रशासक को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजी में रह रहे विद्यार्थियों सुरक्षा के लिए चंडीगढ़ युवा दल ने प्रशासक को लिखा पत्र
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ युवा दल ने पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को एक पत्र लिखा है। इसमें पीजी में रह रहे छात्र छात्रों की सुरक्षा की यकीनी बनाने और अवैध रूप से चल रहे पीजी को बंद करने को कहा गया है।
युवा दल के प्रधान विनायक बंगिया एवं संयोजक सुनील यादव ने कहा कि शहर में अवैध पीजी की भरमार है। अवैध रूप से चल रहे पीजी में रह रहे छात्र-छात्राओं का जीवन खतरे में है। लोगों ने अपने घरों को पीजी बनाकर बिजनेस शुरू कर दिया है। पुलिस और एस्टेट ऑफिस के अधिकारियों को इन पर सख्ती करनी चाहिए।
बंगिया ने कहा कि पीजी और किराएदार रखने से पहले पुलिस को भी सूचित करना पड़ता है। साथ ही पीजी रखने के नियम है। प्रशासन ने शहर में पीजी के लिए नियम बनाए हुए है। पीजी में रहने वालों की पूरी जानकारी पीजी संचालक को पुलिस को देनी होती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था। शहर में केवल कुछ ही एस्टेट आफिस के पास रजिस्टर्ड हैं। बता दें कि सबसे अधिक पीजी सेक्टर 15, 16, 7, 8, 10, 18, 19, 21, 32, 35, 36, 37, 40, 42, 44, 45 में चल रहे है। यही नहीं, एक एक कमरे में चार से पांच विद्यार्थी रखे जा रहे हैं। शहर के सेक्टरों और गांवों की गलियों में सारे नियम कायदे को नजरअंदाज कर गेस्ट हाउस का अवैध धंधा चल रहा है। यह सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही गंभीर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
युवा दल के प्रधान विनायक बंगिया एवं संयोजक सुनील यादव ने कहा कि शहर में अवैध पीजी की भरमार है। अवैध रूप से चल रहे पीजी में रह रहे छात्र-छात्राओं का जीवन खतरे में है। लोगों ने अपने घरों को पीजी बनाकर बिजनेस शुरू कर दिया है। पुलिस और एस्टेट ऑफिस के अधिकारियों को इन पर सख्ती करनी चाहिए।
विज्ञापन
बंगिया ने कहा कि पीजी और किराएदार रखने से पहले पुलिस को भी सूचित करना पड़ता है। साथ ही पीजी रखने के नियम है। प्रशासन ने शहर में पीजी के लिए नियम बनाए हुए है। पीजी में रहने वालों की पूरी जानकारी पीजी संचालक को पुलिस को देनी होती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था। शहर में केवल कुछ ही एस्टेट आफिस के पास रजिस्टर्ड हैं। बता दें कि सबसे अधिक पीजी सेक्टर 15, 16, 7, 8, 10, 18, 19, 21, 32, 35, 36, 37, 40, 42, 44, 45 में चल रहे है। यही नहीं, एक एक कमरे में चार से पांच विद्यार्थी रखे जा रहे हैं। शहर के सेक्टरों और गांवों की गलियों में सारे नियम कायदे को नजरअंदाज कर गेस्ट हाउस का अवैध धंधा चल रहा है। यह सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही गंभीर है।
विज्ञापन