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अंडरग्राउंड होंगे बिजली के तार, पावर कट से मिलेगी निजात, सेक्टर- 8 से होगी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:54 PM IST
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शहरवासियों को आने वाले समय में बिजली कट से निजात मिलने की उम्मीद है। सिटी ब्यूटीफुल में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने की कार्य योजना तैयार हो गई है। इस महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत सेक्टर-8 से होनी है। इसके लिए शुक्रवार को अलग-अलग निविदाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई। 30 दिन में कंपनी के कांट्रेक्ट की सभी औपचारिकताएं पूरी करने की बात कही जा रही है।
शहर में लगभग 2.18 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। गर्मी में पुराने संसाधनों की वजह से कई बार घंटों तक बिजली कट का सामना करना पड़ता है। नए प्लान से बिजली कट की दिक्कत नहीं आएगी। दिसंबर तक इस पायलट प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाया जाएगा।
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18 करोड़ से होगा अंडर ग्राउंड का काम
शहर का सेक्टर-8 बिजली की समस्या से जूझ रहा है। यहां बिजली के संसाधन सबसे पुराने हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से विभाग को मजबूरी में पावर सप्लाई रोकनी पड़ती है। इसी के चलते इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत सेक्टर-8 से की जा रही है।
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ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेट्री कमीशन ने प्रोजेक्ट के लिए करीब 18 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। बिजली विभाग के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि दिसंबर तक सेक्टर आठ में बिजली के अंडर ग्राउंड करने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
मैटेरियल के हिसाब से हुआ टेंडर
इस बार विभाग ने अलग तरीके से टेंडर जारी किया है। बिजली विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि इस बार मैटेरियल के अनुसार टेंडर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि बिजली के तारों से लेकर लाइन डालने तक करीब 38 से 40 प्रकार के अलग-अलग मैटेरियल प्रयोग होते हैं। इन्हीं को देखते हुए इस बार टेंडर अलग तरीके से किया गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने से बिजली चोरी बंद हो जाएगी। साथ ही लोड मैनेजमैंट और टीएंडडी लॉस जैसी परेशानियां भी दूर हो जाएंगी।
तीन बार हो चुके हैं टेंडर
अभी तक बिजली के अंडर ग्राउंड पायलट प्रोजेक्ट के लिए डिपार्टमेंट द्वारा तीन बार टेंडर जारी किए जा चुके हैं लेकिन किसी कंपनी को काम नहीं दिया गया। इससे पूर्व इस प्रोजेक्ट के लिए आठ कंपनियों की ने आवेदन किया था लेकिन कोई भी कंपनी टेक्निकल बिड क्लियर करने में सफल नहीं हो पाई। इसके चलते यूटी बिजली विभाग किसी कंपनी से काम कराने के लिए नाम फाइनल नहीं कर सका है।
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शहर में लगभग 2.18 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। गर्मी में पुराने संसाधनों की वजह से कई बार घंटों तक बिजली कट का सामना करना पड़ता है। नए प्लान से बिजली कट की दिक्कत नहीं आएगी। दिसंबर तक इस पायलट प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाया जाएगा।
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18 करोड़ से होगा अंडर ग्राउंड का काम
शहर का सेक्टर-8 बिजली की समस्या से जूझ रहा है। यहां बिजली के संसाधन सबसे पुराने हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से विभाग को मजबूरी में पावर सप्लाई रोकनी पड़ती है। इसी के चलते इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत सेक्टर-8 से की जा रही है।
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ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेट्री कमीशन ने प्रोजेक्ट के लिए करीब 18 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। बिजली विभाग के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि दिसंबर तक सेक्टर आठ में बिजली के अंडर ग्राउंड करने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
मैटेरियल के हिसाब से हुआ टेंडर
इस बार विभाग ने अलग तरीके से टेंडर जारी किया है। बिजली विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि इस बार मैटेरियल के अनुसार टेंडर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि बिजली के तारों से लेकर लाइन डालने तक करीब 38 से 40 प्रकार के अलग-अलग मैटेरियल प्रयोग होते हैं। इन्हीं को देखते हुए इस बार टेंडर अलग तरीके से किया गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने से बिजली चोरी बंद हो जाएगी। साथ ही लोड मैनेजमैंट और टीएंडडी लॉस जैसी परेशानियां भी दूर हो जाएंगी।
तीन बार हो चुके हैं टेंडर
अभी तक बिजली के अंडर ग्राउंड पायलट प्रोजेक्ट के लिए डिपार्टमेंट द्वारा तीन बार टेंडर जारी किए जा चुके हैं लेकिन किसी कंपनी को काम नहीं दिया गया। इससे पूर्व इस प्रोजेक्ट के लिए आठ कंपनियों की ने आवेदन किया था लेकिन कोई भी कंपनी टेक्निकल बिड क्लियर करने में सफल नहीं हो पाई। इसके चलते यूटी बिजली विभाग किसी कंपनी से काम कराने के लिए नाम फाइनल नहीं कर सका है।