जमके बरसे बादल: चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में दिनभर बरसात, तापमान में गिरावट से हुआ ठंड का अहसास
गुरुवार को पूरे ट्राइसिटी यानि चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में दिनभर बरसात हुई। तापमान में गिरावट की वजह से ठंड का भी एहसास हुआ। पिछले साल सितंबर महीने में 6.1 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इस बार 23 दिनों में 249 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है।
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ट्राइसिटी (चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली) में गुरुवार सुबह शुरू हुई बारिश ने लोगों को दिनभर भिगोया। दिनभर हुई बारिश से तापमान काफी नीचे आ गया, जिससे दोपहर में लोगों को सर्दी के मौसम का अहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को सुबह साढ़े 8 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक 31 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, एयरपोर्ट इलाके में 53 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले साल सितंबर में महज 6.1 एमएम बारिश हुई थी लेकिन इस साल सितंबर के 23 दिनों में ही 249 एमएम बारिश हो चुकी है। बीते वर्ष मानसून सीजन में कुल 920.3 एमएम बारिश हुई थी जबकि इस साल अब तक 599 एमएम बारिश ही हुई है।
चंडीगढ़ में दिखा इंद्रधनुष (फोटो- अजय वर्मा)
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाओं के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। शुक्रवार को भी हल्की बारिश का अनुमान है। उसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। इस दौरान दिन के तापमान में बढ़ोतरी भी होगी। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले साल सितंबर तक मानसून के लगभग विदाई का समय हो गया था। इस कारण थोड़ी सी बारिश दर्ज की गई थी लेकिन इस साल मानसून देरी से आया, इसलिए ज्यादा बारिश हुई है।
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अधिकतम व न्यूनतम तापमान के बीच रह गया मात्र दो डिग्री का अंतर
दिनभर हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में धूप नहीं निकली। शाम साढ़े पांच बजे के बाद सूर्य देव के दर्शन हुए, जिससे शहर में इंद्रधनुष का आकर्षक नजारा दिखाई दिया।
इस वर्ष चौथी बार खोला गया सुखना का फ्लड गेट
गुरुवार दोपहर दो बजे फिर सुखना के फ्लड गेट खोलने पड़े। लेक का जलस्तर खतरे के निशान 1163 फुट तक पहुंच गया था, जिसकी वजह से इस वर्ष चौथी बार फ्लड गेट खोले गए। इससे पहले 9, 14 अगस्त और 21 सितंबर को भी फ्लड गेट खोले गए थे।
पानी छोड़ते ही सुखना चो लबालब हो गई। इससे चो के साथ लगती कॉलोनियों में लोग दहशत में आ गए। यूटी इंजीनियरिंग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5.30 बजे गेट बंद कर दिए गए थे। उस समय लेक का जल स्तर 1162.85 फुट हो गया था।
बारिश से कैचमेंट एरिया से लेक में लगातार पानी आ रहा है। अगर फिर से जल स्तर बढ़ा तो गेट फिर खोले जाएंगे। इससे पहले प्रशासन की ओर से लेक के आसपास के रिहायशी इलाके में रहने वाले लोगों को सूचित भी किया गया। मोहाली प्रशासन को भी लेक के गेट खोलने की पहले ही जानकारी दे दी गई।
पिछले साल जलस्तर 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद ही गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चो भी ओवरफ्लो हो गया था। इस कारण बलटाना के एरिया में भी पानी घुस गया था। यही कारण है कि इस बार प्रशासन की तरफ से दो माह में चौथी बार सुखना के गेट खोल दिए गए। विभाग की तरफ से थोड़ा-थोड़ा करके पानी छोड़ा जा रहा है, क्योंकि एक साथ अधिक पानी छोड़ने से आसपास के एरिया में पानी घुसने का खतरा रहता है।