Chandigarh Weather News: 13 और 14 जुलाई को भी बारिश की संभावना, सुखना लेक का जलस्तर बढ़ा
चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के चलते सुखना लेक का जलस्तर बढ़ गया है। 10 दिन में पानी का स्तर 1161.25 फुट पर पहुंच गया है। सुखना लेक के जलस्तर को 1163 तक डेंजर मार्क माना जाता है।
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रविवार सुबह चंडीगढ़ में अच्छी बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में 59.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 38 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहेगी।
13 और 14 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। एक जून से अब तक 313.4 एमएम बारिश हुई है। बारिश की वजह से रविवार को शहर में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से 2.6 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से 0.6 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा पंचकूला में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस और मोहाली में 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार सोमवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। शहर में रुक-रुक कर बारिश भी हो सकती है।
अगले पांच दिन का तापमान (डिग्री सेल्सियस)
| दिन | अधिकतम | न्यूनतम |
| 11 जुलाई | 34 | 26 |
| 12 जुलाई | 34 | 27 |
| 13 जुलाई | 33 | 27 |
| 14 जुलाई | 32 | 26 |
| 15 जुलाई | 33 | 25 |
सुखना का जलस्तर बढ़ा, 1161.25 फुट पहुंचा पानी
चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के चलते सुखना लेक का जलस्तर बढ़ गया है। 10 दिन में पानी का स्तर 1161.25 फुट पर पहुंच गया है। सुखना लेक के जलस्तर को 1163 तक डेंजर मार्क माना जाता है। बीते दिनों से हो रही बारिश के चलते अधिकारियों ने लेक पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है।
पिछले साल से प्रशासन ने 1162 फुट के आसपास ही फ्लड गेट खोलने शुरू कर दिए हैं, ताकि आसपास के एरिया में जलभराव का खतरा न हो। यही कारण है कि पिछली बार इंजीनियरिंग विभाग को कई बार सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने पड़े। अगर कैचमेंट एरिया में भी अच्छी बारिश हो जाती है तो सुखना लेक का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, क्योंकि कैचमेंट एरिया का पानी सुखना झील में शामिल होता है। यही कारण है कि लेक पर अधिकारियों की तैनाती के साथ ही हर घंटे के बाद जलस्तर बढ़ने की जानकारी ली जा रही है।
यूटी प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि सुखना लेक के बढ़ते जलस्तर के चलते लेक पर विभाग के कर्मचारियों की पहले ही तैनाती कर दी गई है। पंजाब को भी इसे लेकर जानकारी दी जा रही है ताकि अगर सुखना से पानी छोड़ा जाता है तो वहां पर पहले ही उचित इंतजाम किए जा सकें। इससे पहले वर्ष 2020 में जलस्तर 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद ही गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चो भी ओवरफ्लो हो गया था। इस कारण बलटाना के एरिया में भी पानी घुस गया था।