{"_id":"21a06af51439fee83e08e347099ce4f8","slug":"chandigarh-water-not-clear","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ के पानी का चौंकाने वाला सच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ के पानी का चौंकाने वाला सच
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 02 Aug 2014 10:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिटी ब्यूटीफुल के कुछ हिस्सों का पानी सेहत के लिहाज से हाई रिस्क जोन में है। पानी पीने से टाइफाइड, डायरिया और कालरा होने की संभावना है। यह खुलासा पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक स्टडी में हुआ।
विज्ञापन
पीजीआई ने चंडीगढ़ के हाई रिस्क जोन इलाके मनीमाजरा, मौली जागरां व सेक्टर 25 से 20-20 सैंपल लिए थे। जांच में अधिकतर सैंपलों में आया कि यहां पानी पीने लायक नहीं है। स्टडी के मुताबिक इन इलाकों में डायरिया, कालरा और टाइफाइड होने की संभावना पांच से छह गुना तक है। जांच में यह भी पता चला कि इन इलाकों में रेगुलर पानी की सप्लाई बहुत कम है। पानी कम आने पर यहां के लोग पानी स्टोर करके रखते हैं।
विज्ञापन
दूषित होने के कारण
विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्यादा दिन तक पानी को स्टोर रखने पर दूषित होने के चांस बढ़ जाते हैं। पानी दूषित होने का दूसरा कारण यह है कि नगर निगम की पीने की पाइप लाइन और सीवरेज की पाइपलाइन में बहुत ही पास-पास है। लीकेज होने पर पानी के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है।
विज्ञापन
नगर निगम को सलाह
स्टडी ने सिफारिश की है कि नगर निगम पानी की सप्लाई सुचारू रूप से रखे। साथ ही समय-समय पर क्लोरीनाइजेशन पर ध्यान रखना होगा। यह स्टडी स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. पीवीएम लक्ष्मी व डा. रविंद्रा खैवाल ने की थी।